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Varanasi News: मौखिक रूप से दिए गए उपहार, दान या संपत्ति के 8 साल के रिकॉर्ड मांगे
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प्रदेश सरकार ने राजस्व हित में बड़ा कदम उठाते हुए मौखिक रूप से किए गए उपहार या दान या संपत्ति (हिब्बानामों) पर सख्ती शुरू कर दी है। सीएम के निर्देश और स्टांप मंत्री रविंद्र जायसवाल के फरमान के क्रम में आजमगढ़ समेत प्रदेश के सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में विगत आठ वर्षों में मौखिक रूप से हुए हिब्बानामों की जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
सरकार का मानना है कि मौखिक हिब्बानामों के जरिए बड़े पैमाने पर स्टांप शुल्क की चोरी हो रही है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा है।
स्टांप मंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जिले में सहायक महानिदेशक निबंधन (एआईजी) राजेश कुमार ने स्टांप एवं निबंधन विभाग को निर्देशित किया है कि विगत आठ वर्षों में मौखिक हिब्बानामों के आधार पर किए गए सभी नामांतरण मामलों की विस्तृत सूचना एक सप्ताह के भीतर जिला कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि ऐसे सभी मामलों की सूची तैयार कर अग्रिम कार्रवाई के लिए तत्काल रिपोर्ट भेजी जाए, ताकि सरकार की मंशा के अनुरूप आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा सकें।
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सहायक आयुक्त स्टांप राजेश कुमार ने बताया कि मौखिक हिब्बानामों के कारण सरकार के राजस्व को लगातार नुकसान हो रहा है। आठ वर्षों में हुए सभी मौखिक हिब्बानामों का रिकॉर्ड एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई शासन के निर्देशानुसार की जाएगी।
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सरकार का मानना है कि मौखिक हिब्बानामों के जरिए बड़े पैमाने पर स्टांप शुल्क की चोरी हो रही है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा है।
स्टांप मंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जिले में सहायक महानिदेशक निबंधन (एआईजी) राजेश कुमार ने स्टांप एवं निबंधन विभाग को निर्देशित किया है कि विगत आठ वर्षों में मौखिक हिब्बानामों के आधार पर किए गए सभी नामांतरण मामलों की विस्तृत सूचना एक सप्ताह के भीतर जिला कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
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निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि ऐसे सभी मामलों की सूची तैयार कर अग्रिम कार्रवाई के लिए तत्काल रिपोर्ट भेजी जाए, ताकि सरकार की मंशा के अनुरूप आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा सकें।
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सहायक आयुक्त स्टांप राजेश कुमार ने बताया कि मौखिक हिब्बानामों के कारण सरकार के राजस्व को लगातार नुकसान हो रहा है। आठ वर्षों में हुए सभी मौखिक हिब्बानामों का रिकॉर्ड एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई शासन के निर्देशानुसार की जाएगी।