वीडीए के नियमों पर भारी बिल्डर्स की मनमानी: नक्शा स्वीकृत 174 इमारतों की जांच कराएगा वाराणसी विकास प्राधिकरण
अन्नपूर्णा ग्रेंड्योर अपार्टमेंट में लगी आग ने वाराणसी में खड़ी बहुमंजिला इमारतों के निर्माण में बिल्डर्स की मनमानी को भी सामने ला दिया है। नक्शा स्वीकृत कराने के बाद मनमाने तरीके से किए गए अवैध निर्माण और निमयों की अनदेखी हादसों के कारण बन रहे हैं।
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वाराणसी के सिगरा स्थित अन्नपूर्णा ग्रेंड्योर अपार्टमेंट में गुरुवार घटी घटना ने शहर में खड़ी बहुमंजिला इमारतों के निर्माण में बिल्डर्स की मनमानी को भी सामने ला दिया है। नक्शा स्वीकृत कराने के बाद मनमाने तरीके से किए गए अवैध निर्माण और निमयों की अनदेखी हादसों के कारण बन रहे हैं।
बिल्डर की लापरवाही से हुई आग की घटना के बाद अब विकास प्राधिकरण शहर में स्वीकृत 174 ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में हुए निर्माण की जांच कराएगा। इसमें अवैध निर्माण को ध्वस्त करने और मानकों की अनदेखी पर मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई भी होगी। इसके साथ ही पूर्णता प्रमाण पत्र नहीं लेने वाले बिल्डर्स को भी कार्रवाई के दायरे में रखा जाएगा।
अवैध निर्माण को 15 दिन में हटाने का निर्देश
दरअसल, काशी विद्यापीठ के ठीक सामने स्थित अन्नपूर्णा ग्रेंड्योर में हुई घटना के बाद जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष ईशा दुहन को पत्र जारी किया है और इसमें वीडीए से नक्शा पास इमारतों में अवैध निर्माण को 15 दिन में हटाने का निर्देश दिया है।
उन्होंने इस आदेश के अनुपालन की साप्ताहिक आख्या 15 अप्रैल से मांगी है। जिलाधिकारी के आदेश के बाद वीडीए ने अपने सभी 12 जोन में टीम गठित कर जांच शुरू कर दी है। यहां बता दें कि वीडीए में 174 बहुमंजिला इमारतों का नक्शा पास है। मगर, ज्यादातर ने पूर्णता प्रमाण पत्र नहीं लिया है। ऐसे में स्पष्ट है कि ज्यादातर बिल्डर्स ने अपने निर्माण को मानक के अनुरूप नहीं किया है।
लापरवाही से भविष्य में खतरे की आशंका
जिलाधिकारी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि चार सदस्यीय टीम की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बिल्डिंग का फायर होज काम नहीं कर रहा था एवं संबंधित बिल्डिंग कंपनी ने रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी का गठन नहीं किया है। इसके साथ ही फायर आदि के लिए किसी कर्मचारी की नियुक्ति नहीं की है।
संभव है कि इस तरह की स्थित वाराणसी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत अन्य भवनों में भी होगी। उनके पत्र में कहा गया है कि यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि कई भवन स्वामियों ने सेटबैक के क्षेत्र में अस्थाई निर्माण करके फ्री मूवमेंट एरिया को भी बंद कर दिया है, जिससे भविष्य में भी आगजनी की स्थिति में जान-माल के नुकसान से इनकार नहीं किया जा सकता है।
कई भवन स्वामियों के विरुद्ध मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट के अंदर ग्राउंड बेसमेंट में निर्माण किए जाने की भी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न होने बिल्डर्स की मनमानी पर रोक लगाने के लिए अभियान का निर्देश दिया है।
शहर के सभी आवासीय परिसरों में आग सुरक्षा मानकों की होगी जांच
अन्नूपूर्णा ग्रेंडयोर अपार्टमेंट के पीड़ितों से शनिवार की शाम पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने मुलाकात की। इस दौरान फ्लैट मालिकों को आश्वस्त किया कि पुलिस प्रशासन आपके साथ है।
वहीं पुलिस आयुक्त ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी को निर्देशित किया कि शहर के सभी अपार्टमेंट में आग से सुरक्षा से जुड़े मानकों का ऑडिट करते हुए एक सप्ताह में रिपोर्ट दें। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि लोगों की जान माल से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे बिल्डरों के खिलाफ जल्द ही पुलिस की टीमें गठित करते हुए अभियान चलाया जाएगा।
वाराणसी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने बताया कि अभियान के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस फोर्स की मांग की है। वीडीए के सभी जेई को दूसरे काम से अवमुक्त करने की भी मांग की गई है। हमने सभी बहुमंजिला इमारतों के बिल्डर्स को पत्र लिखकर खुद अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया है। हमारी ओर से सभी बिल्डर्स को चेतावनी भी जारी की गई है कि किसी तरह के नियमों के उल्लंघन पर एफआईआर तक की कार्रवाई होगी।