दो हजार रुपये की रिश्वत लेना लिपिक को पड़ा महंगा, एंटी करप्शन की टीम ने रंगे हाथ किया गिरफ्तार
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उत्तर प्रदेश के बलिया में एक वरिष्ठ लिपिक को एक कर्मचारी से घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद डीआईओएस कार्यालय में हड़कंप मच गया।
एंटी करप्शन टीम ने बुधवार को डीआईओएस कार्यालय में छापेमारी कर कार्यालय के एक वरिष्ठ लिपिक को एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद टीम घूस लेते पकड़े गए बाबू को लेकर कोतवाली पहुंची और उसके खिलाफ सात भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जिसकी विवेचना एंटी करप्शन के इंसपेक्टर करेंगे।
जानकारी के मुताबिक रिगवन गांव निवासी राजेश कुमार पांडेय इंटर कॉलेज ताजपुर मुड़ियारी में के चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हैं। उन्होंने जीपीएफ से 2.5 लाख लेने के लिए आवेदन किया था।
आवेदन संयुक्त शिक्षा निदेशक की ओर से स्वीकृत होकर जिला विद्यालय निरीक्षक में आने के बाद भी पटल प्रभारी और वरिष्ठ लिपिक खड़ग बहादुर खरवार की ओर से भुगतान को लेकर हीलाहवाली की जा रही थी और रिश्वत की मांग की जा रही थी।
कर्मचारी ने रिश्वत की राशि तय करने के बाद दो मई को इसकी जानकारी एंटी करप्शन वाराणसी को अवगत कराया। इसके बाद टीम ने जाल बिछाया और दो हजार रुपये चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को दिया जिसे उसने रिश्वत मांगने वाले बाबू को दिया।
पैसा लेते ही टीम ने बाबू को दबोच लिया। टीम में एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर सुरेंद्र नाथ दुबे और अशोक सिंह के अलावा एसआई संतोष दीक्षित, हेड कांस्टेबल नरेंद्र सिंह, कांस्टेबल अश्वनी कुमार पांडेय व पुनीत कुमार रहे।