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अन्नकूट पर सजेगी अन्नपूर्णा की नगरी
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श्री काशी विश्वनाथ की प्राणवल्लभा पार्वती स्वरूपा मां अन्नपूर्णा की नगरी में अन्नकूट का वैभव नजर आएगा। दीपावली के दूसरे दिन मंदिरों के शहर में अन्नकूट की झांकी सजाई जाएगी। काशी विश्वनाथ मंदिर में 358 साल की परंपरा का निर्वहन होगा और अन्नकूट महोत्सव पर बाबा के दरबार की झांकी सजेगी।
शुक्रवार को मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पर मुलाकात कर अन्नकूट महोत्सव की तैयारियों पर चर्चा की। विश्वनाथ मंदिर में अन्नकूट की तैयारी परंपरा के अनुसार की जा रही है। बाबा की चल प्रतिमाओं के अन्नकूट शृंगार की झांकी का दर्शन 15 नवंबर को भक्तों को मिलेगा। अन्नकूट के अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत परिवार द्वारा संपादित की जाने वाली परंपराएं पूर्व के अनुरूप ही होंगी।
विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने कहा कि अन्नकूट शृंगार के लिए बाबा की चल प्रतिमा 15 नवंबर को विशेष अनुष्ठान कर पूर्वाह्न टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास से विश्वनाथ मंदिर भेजी जाएगी। प्रतिमा मंदिर में विराजमान कराये जाने के पूर्व महंत आवास पर भी बाबा की चल प्रतिमा को पूजन और मध्याह्न भोग अर्पण होगा। महंत आवास से मंदिर की दूरी होने के कारण और प्रतिमा की शुद्धता को ध्यान में रखते हुए प्रतिमा को सिंहासन पर ढंककर महंत परिवार के चार सदस्य मंदिर ले जाएंगे और एक सदस्य प्रतिमा के आगे-आगे ज्योतिर्लिंग का प्रतीक ज्योति लेकर रहेगा। बाबा की चल प्रतिमा को मंदिर के गर्भ गृह में विराजमान कराए जाने के बाद अन्नकूट भोग की आरती होगी। सायंकाल सप्तर्षि आरती के पूर्व प्रतिमा वापस टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पर आने पर पुन: विशेष पूजन किया जाएगा।
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शुक्रवार को मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पर मुलाकात कर अन्नकूट महोत्सव की तैयारियों पर चर्चा की। विश्वनाथ मंदिर में अन्नकूट की तैयारी परंपरा के अनुसार की जा रही है। बाबा की चल प्रतिमाओं के अन्नकूट शृंगार की झांकी का दर्शन 15 नवंबर को भक्तों को मिलेगा। अन्नकूट के अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत परिवार द्वारा संपादित की जाने वाली परंपराएं पूर्व के अनुरूप ही होंगी।
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विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने कहा कि अन्नकूट शृंगार के लिए बाबा की चल प्रतिमा 15 नवंबर को विशेष अनुष्ठान कर पूर्वाह्न टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास से विश्वनाथ मंदिर भेजी जाएगी। प्रतिमा मंदिर में विराजमान कराये जाने के पूर्व महंत आवास पर भी बाबा की चल प्रतिमा को पूजन और मध्याह्न भोग अर्पण होगा। महंत आवास से मंदिर की दूरी होने के कारण और प्रतिमा की शुद्धता को ध्यान में रखते हुए प्रतिमा को सिंहासन पर ढंककर महंत परिवार के चार सदस्य मंदिर ले जाएंगे और एक सदस्य प्रतिमा के आगे-आगे ज्योतिर्लिंग का प्रतीक ज्योति लेकर रहेगा। बाबा की चल प्रतिमा को मंदिर के गर्भ गृह में विराजमान कराए जाने के बाद अन्नकूट भोग की आरती होगी। सायंकाल सप्तर्षि आरती के पूर्व प्रतिमा वापस टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पर आने पर पुन: विशेष पूजन किया जाएगा।
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