Varanasi: काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव को अर्पित किया अन्नकूट का भोग, दर्शन को उमड़े भक्त
काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव को भक्तों ने रविवार को अन्नकूट का भोग अर्पित किया।मंदिर परिसर को भी आकर्षक विद्युत झालर और फूल मालाओं से सजाया गया था।
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काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव को भक्तों ने रविवार को अन्नकूट का भोग अर्पित किया। भोर में गंगा स्नान कराने के बाद नूतन वस्त्र और रजत मुखौटा धारण कराया गया। सविधि पूजन-अर्चन के बाद बाबा का कपाट भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिया गया। दोपहर तक हजारों श्रद्धालुओं ने काल भैरव का दर्शन पूजन किया।
दोपहर बाद मंदिर के कपाट बंद करके शयन आरती की गई। इसके बाद दोपहर 2:45 बजे विशेष श्रृंगार कर दोबारा मंदिर भक्तों के दर्शन पूजन के लिए खोला गया। वहीं, अन्नकूट श्रृंगार पर मोझी, कचौड़ी, बड़ा, मालपुआ, रोट, नमकीन सहित 56 प्रकार के पकवान और मिष्ठान का भोग चढ़ाया गया।
इसके साथ ही बाबा के खप्पर को कारन से भरकर उन्हें विशेष भोग लगाया गया। मंदिर परिसर को भी आकर्षक विद्युत झालर और फूल मालाओं से सजाया गया था।खबर लिखे जाने तक दर्शन पूजन का क्रम जारी था।
श्री बटुक भैरव का हुआ त्रिगुणात्मक श्रृंगार
अष्टभैरव के बाल स्वरूप के त्रिगुणात्मक स्वरूप की झांकी ने भक्तों को आनंद से भर दिया। सत, रज और तम स्वरूप के दर्शन कर भक्तों ने बटुक भैरव का आशीष लिया। श्रद्धालुओं ने बाबा के त्रिगुणात्मक स्वरूप के अनुसार भोग व प्रसाद भी अर्पित किए।
सुबह से शुरू हुआ दर्शन पूजन का सिलसिला देर रात तक अनवरत जारी रहा। रविवार को भोर में कमच्छा स्थित मंदिर के महंत जितेंद्र पुरी के आचार्यत्व में बाबा बटुक भैरव के विग्रह को पंचामृत स्नान कराया गया। विधि विधान से पूजन के बाद बाबा का भव्य स्वरूप में शृंगार किया गया। बाबा का सत स्वरूप में श्रृंगार हुआ।
मंगला आरती के बाद बाबा का मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। दोपहर में बाबा बटुक भैरव को भोग अर्पित किया गया। शाम को बटुक भैरव का राजसी शृंगार हुआ और 108 भैरव के निमित्त हवन यज्ञ आरंभ हो गया। श्रद्धालुओं ने भी यज्ञ में आहुति अर्पित की। रात्रि में बाबा का तम स्वरूप में शृंगार हुआ और बाबा को पंचमकार भोग स्वरूप अर्पित किया गया।