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अमर उजाला शिक्षा अभियान: शिक्षकों की मेहनत और बदले माहौल में तेजी से सीख रहे हैं बच्चे, लौटी चेहरे की रौनक
Wed, 13 Apr 2022 04:12 PM IST
उत्पल कांत
varanasi
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Published by: उत्पल कांत
Updated Wed, 13 Apr 2022 04:12 PM IST
सार
कोरोना संक्रमण के दो साल बाद स्कूल से लेकर घर तक का माहौल बदला-बदला सा है।
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स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाओं का संचालन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरोना संक्रमण काल के बाद स्कूल खुलने पर बदला हुआ माहौल मिलने से बच्चों में नए सत्र को लेकर उत्साह है। अभिभावक भी बच्चों की शिक्षा को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं। बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए कई गतिविधियों को शैक्षणिक समयसारिणी में जोड़ा गया है। कोरोना संक्रमण के दो साल बाद स्कूल से लेकर घर तक का माहौल बदला-बदला सा है।
शिक्षकों के सामने जहां बच्चों के बदले हुए व्यवहार को फिर से सुधारने की चुनौती है तो वहीं अभिभावकों के सामने भी बच्चों के मानसिक दबाव को कम करने की। खेल, गतिविधियों और नवाचार के माध्यम से बच्चों की रुचि के अनुसार उन्हें अनेक प्रकार से प्रोत्साहित कर पढ़ाया जा रहा है। हर दिन सीखना कार्यक्रम को सफल बनाने की कोशिश की जा रही है। अभिभावक बच्चे की हर दिन सीखने की प्रक्रिया से काफी प्रसन्न एवं उत्साहित हैं।
खेल, गतिविधियों एवं नवाचार के माध्यम से बच्चों में हर दिन सीखने की ललक बढ़ती जा रही है। कोरोना काल के बाद स्कूल खुलने पर बच्चों को सिखाना सबसे बड़ी चुनौती थी। हर दिन सीखना कार्यक्रम इसमें काफी मददगार साबित हो रहा है। - ममता पटेल, प्राथमिक विद्यालय मूंगवार
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हमारा प्रयास कक्षाओं को रुचिकर बनाना है, ताकि बच्चे आनंदपूर्वक सीख सकें। इसके लिए हम रोज बच्चों को योग करवाते हैं, कक्षाओं में विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का आयोजन एवं प्रयोग कर रहे हैं। - तूबा आसिम, कंपोजिट विद्यालय गंगापुर,
प्रोत्साहन और अभ्यास के साथ केस स्टडी और संसाधन पर भी ध्यान दिया गया है। कक्षा में अंग्रेजी का प्रयोग करने के लिए दिनचर्या विकसित की गई है। इससे बच्चों में शानदार सुधार भी हुआ है। - कल्पना सिंह, प्रा. वि. ठठरा प्रथम सेवापुरी
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शिक्षकों के सामने जहां बच्चों के बदले हुए व्यवहार को फिर से सुधारने की चुनौती है तो वहीं अभिभावकों के सामने भी बच्चों के मानसिक दबाव को कम करने की। खेल, गतिविधियों और नवाचार के माध्यम से बच्चों की रुचि के अनुसार उन्हें अनेक प्रकार से प्रोत्साहित कर पढ़ाया जा रहा है। हर दिन सीखना कार्यक्रम को सफल बनाने की कोशिश की जा रही है। अभिभावक बच्चे की हर दिन सीखने की प्रक्रिया से काफी प्रसन्न एवं उत्साहित हैं।
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खेल, गतिविधियों एवं नवाचार के माध्यम से बच्चों में हर दिन सीखने की ललक बढ़ती जा रही है। कोरोना काल के बाद स्कूल खुलने पर बच्चों को सिखाना सबसे बड़ी चुनौती थी। हर दिन सीखना कार्यक्रम इसमें काफी मददगार साबित हो रहा है। - ममता पटेल, प्राथमिक विद्यालय मूंगवार
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हमारा प्रयास कक्षाओं को रुचिकर बनाना है, ताकि बच्चे आनंदपूर्वक सीख सकें। इसके लिए हम रोज बच्चों को योग करवाते हैं, कक्षाओं में विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का आयोजन एवं प्रयोग कर रहे हैं। - तूबा आसिम, कंपोजिट विद्यालय गंगापुर,
प्रोत्साहन और अभ्यास के साथ केस स्टडी और संसाधन पर भी ध्यान दिया गया है। कक्षा में अंग्रेजी का प्रयोग करने के लिए दिनचर्या विकसित की गई है। इससे बच्चों में शानदार सुधार भी हुआ है। - कल्पना सिंह, प्रा. वि. ठठरा प्रथम सेवापुरी