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Varanasi News: छोटे किसानों के हित में है कृषि कानून
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फोटो-- -- -- -- --
छोटे किसानों के हित में है कृषि कानून
बीएचयू में भारतीय किसान संघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बोले प्रो. रमेश
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। तीन कृषि कानून छोटे किसानों के हित में थे। इसमें संशोधन कर इसे लागू करने की जरूरत है। यह बातें शनिवार को बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान के शताब्दी सभागार में आयोजित दो दिवसीय प्रतिनिधि सभा में कृषि विज्ञान संस्थान के कार्यकारी निदेशक प्रो. रमेश सिंह ने कहीं।
भारतीय किसान संघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में करीब 250 किसान प्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्य अतिथि अखिल भारतीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी ने कहा कि हमें दलहन, तिलहन और मोटे अनाज के उत्पादन में आत्मनिर्भर होने की जरूरत है। प्राचीन कृषि व्यवस्था में गोपालन कृषि का आधार था, इसलिए किसान आत्मनिर्भर था। वर्तमान किसान स्वतंत्र तो है लेकिन बाजार में परतंत्र है। बीज, कीटनाशक, फसल, दवाओं का निर्धारण बाजार कर रहा है। सबको मिलकर स्वावलंबी भारत के लिए काम करना होगा। बैठक के पहले दिन प्रतिनिधियों ने बीते वर्षों में किए कार्य और आगामी वर्षों में किए जाने वाले कार्यों पर रणनीति बनाई गई। इस मौके पर अखिल भारतीय संगठन के उपाध्यक्ष भैयाराम मौर्य, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, महामंत्री राज सिंह सहित किसान संगठन प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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छोटे किसानों के हित में है कृषि कानून
बीएचयू में भारतीय किसान संघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बोले प्रो. रमेश
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। तीन कृषि कानून छोटे किसानों के हित में थे। इसमें संशोधन कर इसे लागू करने की जरूरत है। यह बातें शनिवार को बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान के शताब्दी सभागार में आयोजित दो दिवसीय प्रतिनिधि सभा में कृषि विज्ञान संस्थान के कार्यकारी निदेशक प्रो. रमेश सिंह ने कहीं।
भारतीय किसान संघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में करीब 250 किसान प्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्य अतिथि अखिल भारतीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी ने कहा कि हमें दलहन, तिलहन और मोटे अनाज के उत्पादन में आत्मनिर्भर होने की जरूरत है। प्राचीन कृषि व्यवस्था में गोपालन कृषि का आधार था, इसलिए किसान आत्मनिर्भर था। वर्तमान किसान स्वतंत्र तो है लेकिन बाजार में परतंत्र है। बीज, कीटनाशक, फसल, दवाओं का निर्धारण बाजार कर रहा है। सबको मिलकर स्वावलंबी भारत के लिए काम करना होगा। बैठक के पहले दिन प्रतिनिधियों ने बीते वर्षों में किए कार्य और आगामी वर्षों में किए जाने वाले कार्यों पर रणनीति बनाई गई। इस मौके पर अखिल भारतीय संगठन के उपाध्यक्ष भैयाराम मौर्य, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, महामंत्री राज सिंह सहित किसान संगठन प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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