{"_id":"57d5bf774f1c1b114231777d","slug":"after-the-ban-illegal-construction","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रतिबंध के बाद भी अवैध निर्माण ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रतिबंध के बाद भी अवैध निर्माण
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 12 Sep 2016 02:02 AM IST
विज्ञापन
निर्माण
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘वरुणा कॉरिडोर’ को मूर्त रूप देने के लिए शासन-प्रशासन के उच्चाधिकारियों की सख्ती के बावजूद वीडीए इसकी राह में नई मुसीबतें खड़ी कर रहा है। पहले से चिह्नित 762 अवैध निर्माणों को हटाने की कोई रणनीति अब तक अमल में नहीं आ पाई वहीं दूसरी तरफ प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से अवैध निर्माण कराया जा रहा है। यह सब कुछ खुलेआम हो रहा है लेकिन वीडीए के अधिकारी आंखें मूंदे हुए हैं।
अतिक्रमण से सिकुड़ी वरुणा के अस्तित्व को बचाने के लिए ‘वरुणा कॉरिडोर’ के तहत ग्रीन बेल्ट के लिए दोनों किनारों पर 50 मीटर का क्षेत्र चिह्नित किया गया है और इस क्षेत्र में किसी भी तरह के निर्माण पर रोक है। बावजूद इसके कई नए निर्माण धड़ल्ले से कराए जा रहे हैं। आरोप है कि यह सब वीडीए के अधिकारियों की मिलीभगत से किया जा रहा है। जबकि, पहले से चिह्नित अवैध निर्माणों के पीछे भी वीडीए की ही बड़ी भूमिका रही है। इन 762 निर्माणों के ध्वस्तीकरण करने की कार्ययोजना महीनों पहले बनाई जा चुकी है। अधिकतर को नोटिस भी जारी किया जा चुका है। उच्चाधिकारियों के साथ ही खुद शासन स्तर पर अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के लिए सख्ती की जा चुकी है। बावजूद इसके इन सबसे बेपरवाह वीडीए सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट के साथ ही वरुणा के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ बंद नहीं कर रहा है। अवैध निर्माणों के चलते ही वरुणा किनारे बाढ़ की स्थिति विकराल हुई थी।
विज्ञापन
अतिक्रमण से सिकुड़ी वरुणा के अस्तित्व को बचाने के लिए ‘वरुणा कॉरिडोर’ के तहत ग्रीन बेल्ट के लिए दोनों किनारों पर 50 मीटर का क्षेत्र चिह्नित किया गया है और इस क्षेत्र में किसी भी तरह के निर्माण पर रोक है। बावजूद इसके कई नए निर्माण धड़ल्ले से कराए जा रहे हैं। आरोप है कि यह सब वीडीए के अधिकारियों की मिलीभगत से किया जा रहा है। जबकि, पहले से चिह्नित अवैध निर्माणों के पीछे भी वीडीए की ही बड़ी भूमिका रही है। इन 762 निर्माणों के ध्वस्तीकरण करने की कार्ययोजना महीनों पहले बनाई जा चुकी है। अधिकतर को नोटिस भी जारी किया जा चुका है। उच्चाधिकारियों के साथ ही खुद शासन स्तर पर अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के लिए सख्ती की जा चुकी है। बावजूद इसके इन सबसे बेपरवाह वीडीए सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट के साथ ही वरुणा के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ बंद नहीं कर रहा है। अवैध निर्माणों के चलते ही वरुणा किनारे बाढ़ की स्थिति विकराल हुई थी।
विज्ञापन