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UP: अधिवक्ता के बेटे की हत्या...आरोपमुक्त करने की अर्जी खारिज, चार दिसंबर को सुनवाई; अप्रैल में हुआ था मर्डर

Sat, 22 Nov 2025 05:33 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 22 Nov 2025 05:33 AM IST
सार

मृतक के पिता अधिवक्ता कैलाश चंद्र वर्मा ने तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई थी। इस मामले में अपना दल कमेरावादी की नेता विधायक पल्लवी पटेल ने प्रदर्शन कर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की थी।

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Advocate son murdered in varanasi Discharge plea rejected hearing on 4 December murder occurred in April
Varanasi court - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Varanasi News: विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तृतीय) पूनम पाठक की अदालत ने शुक्रवार को अधिवक्ता के बेटे हेमंत पटेल के हत्या आरोपी स्कूल प्रबंधक के बेटे राज विजयेंद्र सिंह की अर्जी खारिज कर दी। उसकी तरफ से आरोपमुक्त किए जाने की अर्जी लगाई गई थी। अदालत ने आरोप तय करने के लिए चार दिसंबर की तिथि तय कर दी है।

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सिंधौरा निवासी वादी कैलाश चंद्र वर्मा ने शिवपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 22 अप्रैल 2025 को दिन में एक बजे खुशहाल नगर नटिनियादाई निवासी आरोपी राज विजयेंद्र सिंह उर्फ राज विजेंद्र सिंह उर्फ रवि ने अपने मोबाइल से फोन कर बेटे हेमंत पटेल को बुलाया। साथ ही बेटे को बुलाने के लिए शशांक और किशन को भेजा। 
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इस पर हेमंत अपने दादा की बाइक से शशांक और किशन के साथ विद्यालय के लिए निकला। दोपहर 2.03 बजे नाती प्रिंस उर्फ गोलू के मोबाइल पर आशीष पटेल ने फोन कर सूचना दी कि विद्यालय परिसर में प्रबंधक के कमरे में प्रबंधक के बेटे राज विजयेंद्र सिंह उर्फ राज विजेंद्र सिंह उर्फ रवि ने लाइसेंसी पिस्टल से हेमंत पटेल की गोली मारकर हत्या कर दी। 
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वारदात के बाद पुलिस ने अगले दिन आरोपी को गिरफ्तार किया था। मामले में आरोपी की ओर से आरोप मुक्त करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था जिसे सुनवाई के बाद अदालत ने खारिज कर दिया।

पल्लवी पटेल ने किया था प्रदर्शन
अपना दल कमेरावादी की नेता विधायक पल्लवी पटेल ने इस मामले को लेकर कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय पर प्रदर्शन के लिए निकलीं थीं। पुलिस ने कार्यालय से पहले विजया तिराहे पर ही बैरिकेडिंग करके सबको रोक दिया था। पल्लवी पटेल वहीं धरने पर बैठ गईं और नारेबाजी शुरू कर दी थी। करीब दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन चला था। 

प्रदर्शन के दौरान पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई थी। विधायक पल्लवी पटेल बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गईं। पुलिस अफसरों और एसीएम फर्स्ट ने उन्हें समझाया, लेकिन वह नहीं मानीं थी। इस बीच मौके पर पहुंचे एडीएम सिटी आलोक वर्मा ने विधायक से बात की और समझा कर धरना खत्म कराया था। विधायक ने पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन एडीएम को सौंपा है।

विधायक ने कहा था कि विद्यालय प्रबंधक पर मुकदमा दर्ज किया जाए। विद्यालय की मान्यता रद्द की जाए। पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की गई थी।

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