वाराणसी: ओएलएक्स पर प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय को बेचने का विज्ञापन देने के तीन आरोपियों को जमानत
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वाराणसी के अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय अशोक सिंह यादव की अदालत ने ओएलएक्स पर पीएम मोदी के संसदीय कार्यालय को बेचने का विज्ञापन देने के मामले में आरोपी जितेंद्र, बाबूलाल पटेल और मनोज यादव को 30-30 हजार रुपये की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनुज यादव के अनुसार एसआई प्रकाश सिंह ने 18 दिसंबर 2020 को भेलूपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एसआई का आरोप है कि 17 दिसंबर को विभिन्न व्हाट्स एप न्यूज ग्रुप से पता चला कि भेलूपुर थाना के जवाहर नगर एक्सटेंशन स्थित प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय को लक्ष्मीकांत ओझा नामक व्यक्ति द्वारा कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी की नीयत से सात करोड़ 50 लाख रुपये में बेचने के लिए ओएलएक्स वेबसाइट पर विज्ञापन दिया गया है। इससे प्रधानमंत्री की छवि धूमिल हो रही है।
इस मामले में पुलिस ने आरोपी लक्ष्मीकांत ओझा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने ही अपने साथियों नवाबगंज (दुर्गाकुंड) निवासी जितेंद्र कुमार वर्मा, सरायनंदन खोजवां निवासी बाबूलाल पटेल और मनोज कुमार यादव के साथ मिलकर प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय को बेचने के लिए विज्ञापन डाला था। जिसके बाद पुलिस ने अन्य तीनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
बचाव पक्ष की दलील थी कि उक्त भवन के स्वामी श्याम लोहिया द्वारा अपना मकान किराये पर कार्यालय खोलने के लिए दिया गया था। जिसकी किरायेदारी की अवधि मार्च में समाप्त हो रही है और वे उक्त संपत्ति को बेचना चाहते हैं।
उनके कहने पर ही लक्ष्मीकांत ओझा ने कार्यालय वाले भवन को बेचने के उसकी फोटो ओएलएक्स पर अपलोड की थी। आरोपियों द्वारा इसके लिए कोई कूटरचना या धोखाधड़ी नहीं की गई है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।