{"_id":"59edfd414f1c1b74698b7185","slug":"adnan-kafeel-will-honour-with-youth-poetry-award","type":"story","status":"publish","title_hn":" बलिया के अदनान कफील को मिलेगा इस वर्ष का युवा कविता पुरस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बलिया के अदनान कफील को मिलेगा इस वर्ष का युवा कविता पुरस्कार
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 23 Oct 2017 08:01 PM IST
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अदनान कफील
- फोटो : facebook
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हिंदी विभाग, बीएचयू के शोध छात्र रहे युवा कवि रविशंकर उपाध्याय की स्मृति में हर साल दिया जाने वाला युवा कविता पुरस्कार इस बार बलिया निवासी और जामिया मिलिया इस्लामिया, दिल्ली के छात्र अदनान कफील दरवेश को मिलेगा। यह पुरस्कार ऐसे युवा कवि को दिया जाता है, जिसकी उम्र 35 साल से अधिक न हो और उसका कोई काव्य संग्रह प्रकाशित न हुआ हो।
बता दें कि 19 मई 2014 को ब्रेन हैमरेज की वजह से 30 साल की अवस्था में युवा कवि रविशंकर का निधन हो गया था। उनकी याद में डॉ. रविशंकर उपाध्याय स्मृति संस्थान की ओर से वर्ष 2015 में युवा कवि पुरस्कार की शुरूआत हुई थी।
संस्थान के सचिव बंशीधर उपाध्याय ने बताया कि इस पुरस्कार के लिए जाने-माने आलोचक अरुण होता (कोलकाता), कवि अरुण कमल (पटना), मदन कश्यप (दिल्ली), कथाकार अखिलेश (लखनऊ) और कवि श्रीप्रकाश शुक्ल (बीएचयू) की समिति ने बलिया जिले के गड़वा निवासी अदनान कफील का चयन किया है।
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चयनकर्ताओं का मानना है कि अदनान हिंदी कविता में प्रबल संभावनाओं के कवि दिखाई देते हैं। उनकी कविताओं में काल सजगता, प्रतिबद्धता और आम जनजीवन से सहज जुड़ाव दिखता है। रविशंकर की जयंती पर 12 जनवरी 2018 को बनारस में आयोजित एक कार्यक्रम में अदनान को पांच हजार नगद धनराशि और सम्मानपत्र दिया जाएगा।
तीन युवा कवियों को मिल चुका है पुरस्कार
पहला युवा कविता पुरस्कार वर्ष 2015 में रांची की युवा कवयित्री जसिंता केरकेट्टा को मिल चुका है। दूसरा पुरस्कार वर्ष 2016 में बलिया के अमृत सागर को और तीसरा पुरस्कार वर्ष 2017 में दिल्ली के निखिल आनंद गिरि को दिया जा चुका है।
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बता दें कि 19 मई 2014 को ब्रेन हैमरेज की वजह से 30 साल की अवस्था में युवा कवि रविशंकर का निधन हो गया था। उनकी याद में डॉ. रविशंकर उपाध्याय स्मृति संस्थान की ओर से वर्ष 2015 में युवा कवि पुरस्कार की शुरूआत हुई थी।
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संस्थान के सचिव बंशीधर उपाध्याय ने बताया कि इस पुरस्कार के लिए जाने-माने आलोचक अरुण होता (कोलकाता), कवि अरुण कमल (पटना), मदन कश्यप (दिल्ली), कथाकार अखिलेश (लखनऊ) और कवि श्रीप्रकाश शुक्ल (बीएचयू) की समिति ने बलिया जिले के गड़वा निवासी अदनान कफील का चयन किया है।
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चयनकर्ताओं का मानना है कि अदनान हिंदी कविता में प्रबल संभावनाओं के कवि दिखाई देते हैं। उनकी कविताओं में काल सजगता, प्रतिबद्धता और आम जनजीवन से सहज जुड़ाव दिखता है। रविशंकर की जयंती पर 12 जनवरी 2018 को बनारस में आयोजित एक कार्यक्रम में अदनान को पांच हजार नगद धनराशि और सम्मानपत्र दिया जाएगा।
तीन युवा कवियों को मिल चुका है पुरस्कार
पहला युवा कविता पुरस्कार वर्ष 2015 में रांची की युवा कवयित्री जसिंता केरकेट्टा को मिल चुका है। दूसरा पुरस्कार वर्ष 2016 में बलिया के अमृत सागर को और तीसरा पुरस्कार वर्ष 2017 में दिल्ली के निखिल आनंद गिरि को दिया जा चुका है।