फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Adishakti Jagdamba will go from house to house today

आज घर घर विराजेंगी आदिशक्ति जगदंबा

Thu, 07 Oct 2021 01:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 07 Oct 2021 01:09 AM IST
विज्ञापन
Adishakti Jagdamba will go from house to house today
मां दुर्गा की आराधना का महापर्व शारदीय नवरात्र आज से शुरू हो रहा है। नवरात्र में दुर्गा सप्तशती के अनुसार मां भगवती की पूजा-अर्चना से सुख व सौभाग्य में बढ़ोतरी होती है। मां दुर्गा, काली, लक्ष्मी एवं सरस्वती की विशेष आराधना फलदायी मानी जाती है।
विज्ञापन

ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि व्रत कर्ता को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान, ध्यान, पूजा अर्चना के पश्चात दाहिने हाथ में जल, पुष्प, फल, गंध व कुश लेकर भगवती की पूजा एवं व्रत का संकल्प लेना चाहिए। कलश स्थापना का अभिजीत मुहूर्त सुबह 11.36 से लेकर दोपहर 12.24 बजे तक है। कलश स्वर्ण, रजत या मिट्टी का होना चाहिए। यह जल पूरित होना चाहिए, इस पर स्वास्तिक बना होना चाहिए, कलश के ऊपर कलावा या मौली बंधा होना चाहिए। पुष्प, नकद, चावल, रोली आदि छोड़ें। कलश को मां जगदंबा का स्वरूप मानकर पूजा की जाती है। मिट्टी में जौ के दाने बोए जाते हैं। मां जगदंबा को लाल चुनरी, गुड़हल की माला, नारियल, मेवा व मिष्ठान्न अर्पित किए जाते हैं। काशी विश्वनाथ न्यास के पूर्व अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने बताया कि आश्विन शुक्ल प्रतिपदा में कलश स्थापना का विधान होता है। परंतु इस दिन चित्रा तथा वैधृति पड़ रही है। ऐसे में कलश स्थापना निषेध है। चित्रा में देवी स्थापना से धन नाश तथा वैधृति में कलश स्थापना से पुत्र नाश होता है।
विज्ञापन

दिनों के अनुसार व्रत के फल
संपूर्ण एक दिन, तीन दिन, पांच दिन, सात दिन अथवा नौ दिन तक नियमपूर्वक व्रत रखकर आराधना करने की धार्मिक मान्यता है। नवरात्र में व्रत की समाप्ति पर हवन कर निमंत्रित कन्याओं एवं बटुकों का पूर्ण आस्था व श्रद्धा भक्ति के साथ चरण धोकर पूजन करने के पश्चात भोजन करवाना चाहिए। सामर्थ्य के अनुसार नए वस्त्र, फल, मिष्ठान तथा द्रव्य देकर चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

राशि के अधिपति ग्रह की पूजा लाभकारी होगी।
मेष (मंगल)- ऊं अंगारकाय नम: 10 हजार मंत्र
वृष (शुक्र)- ऊं शुं शुक्राय नम: 16 हजार मंत्र
मिथुन(बुध)- ऊं बुं बुधाय नम: 10 हजार मंत्र
कर्क(चंद्रमा)- ऊं सों सोमाय नम: 11 हजार मंत्र
सिंह(सूर्य)- ऊं घृणि सूर्याय नम: 7 हजार मंत्र
कन्या(बुध)- ऊं बुं बुधाय नम: 10 हजार मंत्र
तुला वृष (शुक्र)- ऊं शुं शुक्राय नम: 16 हजार मंत्र
वृश्चिक (मंगल)- ऊं अंगारकाय नम: 10 हजार मंत्र
धनु(बृहस्पति)- ऊं बृहस्पतये नम: 19 हजार मंत्र
मकर(शनि)- ऊं शं शनैश्चराय नम: 23 हजार मंत्र
कुंभ (शनि)- ऊं शं शनैश्चराय नम: 23 हजार मंत्र
मीन (बृहस्पति)- ऊं बृहस्पतये नम: 19 हजार मंत्र
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed