Adenovirus: तेजी से फैल रहा एडेनोवायरस, जानिए-कितना खतरनाक है और कैसे करें बचाव?
मंडलीय अस्पताल के नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में भी इन दिनों कंजेक्टिवाइटिस की समस्या लेकर जाने वाले मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इसमें बच्चे-बड़े सभी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
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मौसम में बदलाव से एडिनो वायरस (आंख आना) का खतरा बढ़ गया है। यह एक ऐसा वायरस है, जिसके प्रभाव से आंखें लाल व खुजली होना, जलन महसूस होने की समस्या होती है। चिकित्सकीय भाषा में इसे वायरल कंजेक्टिवाइटिस कहा जाता है। हर दिन बीएचयू अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में इससे पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं।
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मंडलीय अस्पताल के नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में भी इन दिनों कंजेक्टिवाइटिस की समस्या लेकर जाने वाले मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इसमें बच्चे-बड़े सभी इसकी चपेट में आ रहे हैं। बीएचयू नेत्र रोग विभाग के चिकित्सक डाॅ.दीपक मिश्रा का कहना है कि ओपीडी में 200 से अधिक मरीजों में 40 से अधिक लोग कंजेक्टिवाइटिस से पीड़ित आ रहे हैं। यह एक संक्रामक वायरस है। इसमें औसतन दस बच्चे भी शामिल हैं। पिछले सप्ताह केवल 10-20 मरीज इससे ग्रसित मिलते थे, लेकिन संख्या बढ़ती ही जा रही है। एडिनो वायरस की संक्रमण क्षमता अधिक है। अगर घर में किसी को हो गया है तो कम से कम तीन से चार लोग प्रभावित हो सकता है।
क्या करें
-आंखें लाल होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
-उनकी सलाह पर दवाओं को नियमित आंखों में डालें।
-अगर कंजेक्टिवाइटिस हो गया है तो चश्मा लगाएं।
क्या न करें
-बिना चिकित्सक की सलाह के दवा न डाले
-लापरवाही नही बरतनी चाहिए, आंखों को तेजी से न रगड़े।
-बच्चे को यह बीमारी होने पर स्कूल न भेजें।