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अच्युतानंद बोले, क्षेत्रीय भाषाओं के प्रति मीडिया में संवेदना कम
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 19 Aug 2015 02:15 AM IST
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वाराणसी। क्षेत्रीय भाषाओं के प्रति मीडिया संवेदनशील नहीं है। यह बात माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल के पूर्व कुलपति अच्युतानंद मिश्र ने कही। मंगलवार को बीएचयू के भोजपुरी अध्ययन केंद्र में ‘भोजपुरी और जनपदीय अध्ययन’ पर आयोजित कार्यशाला में बतौर मुख्य वक्ता उन्होंने कहा कि मीडिया में गरीबी, बेरोजगारी और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं के लिए कोई जगह नहीं है। चुनावों में पेड न्यूज की तमाम रिपोर्ट आईं लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि आज मीडिया राजनैतिक एवं उद्यमियों के हाथों में चला गया। सूचना का अधिकार अधिनियम और सोशल मीडिया ने आमजन को एक शक्ति दी है, जो सकारात्मक है। इसके बावजूद मातृभाषा व्यवहार में नहीं आ रही है। भोजपुरी के संरक्षण के लिए आंदोलन चलाने की जरूरत है लेकिन आंदोलन के दौरान इस बात का ध्यान रखना होगा कि उससे राष्ट्रभाषा का
नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि भोजपुरी अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम है। इसे मजबूत करने की आवश्यकता है। गीतकार पं. हरिराम द्विवेदी, डॉ. प्रकाश उदय, सुशांत और अशोक राय ने काव्यपाठ किया। अध्यक्षता केंद्र के समन्वयक प्रो. सदानंद शाही ने की। संचालन विश्वमौली ने किया। इस मौके पर डॉ. अवधेश दीक्षित, गोपेश, धीरज कुमार आदि उपस्थित थे।
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उन्होंने कहा कि आज मीडिया राजनैतिक एवं उद्यमियों के हाथों में चला गया। सूचना का अधिकार अधिनियम और सोशल मीडिया ने आमजन को एक शक्ति दी है, जो सकारात्मक है। इसके बावजूद मातृभाषा व्यवहार में नहीं आ रही है। भोजपुरी के संरक्षण के लिए आंदोलन चलाने की जरूरत है लेकिन आंदोलन के दौरान इस बात का ध्यान रखना होगा कि उससे राष्ट्रभाषा का
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नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि भोजपुरी अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम है। इसे मजबूत करने की आवश्यकता है। गीतकार पं. हरिराम द्विवेदी, डॉ. प्रकाश उदय, सुशांत और अशोक राय ने काव्यपाठ किया। अध्यक्षता केंद्र के समन्वयक प्रो. सदानंद शाही ने की। संचालन विश्वमौली ने किया। इस मौके पर डॉ. अवधेश दीक्षित, गोपेश, धीरज कुमार आदि उपस्थित थे।
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