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एक पुलिसवाला, जो 15 दिनों तक विनोद खन्ना के साथ रहा
amarujala.com- Written by: शैलेश कुमार शुक्ल
Updated Fri, 28 Apr 2017 10:36 AM IST
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Anirudha Singh Vinod khanna
- फोटो : अमर उजाला
दमदार अभिनेता और जिंदा दिल इंसान बालीवुड स्टार विनोद खन्ना का गुरुवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। विनोद खन्ना अपनी फिल्म गन्स ऑफ बनारस की शूटिंग के लिए सितंबर 2013 में बनारस आए थे।
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इस दौरान करीब 15 दिनों तक उनके साथ रहने वाले यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर अनिरुद्ध सिंह ने उन्हें सुरक्षा प्रदान की। विनोद खन्ना ने इंस्पेक्टर अनिरुद्ध सिंह से जीवन के कई राज शेयर किए। आगे पढ़ते हैं विनोद खन्ना की कहानी इंस्पेक्टर अनिरुद्ध सिंह की जुबानी....
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ईश्वर आपकी आत्मा को शांति दे सर। विनोद खन्ना सर जमीन से जुड़े कलाकार थे और हमेशा नए और उभरते कलाकारों को प्रोत्साहित करते रहते थे। वह फिल्म के सेट पर मूड कैसे मज़ाक़िया कर देते थे। सभी कलाकारों के साथ खूब मजाक करते थे। गन्स ऑफ बनारस में मैंने उनके साथ छोटा सा रोल निभाया था।
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वाराणसी के कैंट थाने में हुई इस शूटिंग में हीरो करणनाथ को नशीले पदार्थ की तस्करी के आरोप में जेल में डाल दिया गया होता है। करणनाथ के पिता बने विनोद खन्ना थाने में आते हैं और बेगुनाही का सबूत देकर अपने बेटे को छुड़ाकर ले जाते हैं।
शूटिंग के दौरान बारिश हुई थी और काफी लोग थाने में इकट्ठा हो गए थे। इससे शूटिंग में परेशानी आ रही थी। मैंने लोगों को जिस अंदाज में वहां से हटाया, उससे विनोद खन्ना काफी प्रभावित हुए। उन्होंने एक्शन डायरेक्टर से कहा कि ये तो बड़ा कड़क है, असली पुलिसवाला लगता है।
इस पर सब लोग हंसने लगे। बाद विनोद खन्ना जी को बताया गया कि मैं यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर हूं। इसके बाद हमारी बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। विनोद खन्ना को नानवेज बहुत पसंद था। इसके अलावा वे नई-नई डिश खाना पसंद करते थे।
जारी ...
जानिये बीमार न होते तो मोदी सरकार में कौन से मंत्री बनते विनोद खन्ना
Anirudha Singh Vinod khanna
- फोटो : अमर उजाला
होटल रेडिशन के खाने से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने शेफ को मुंबई आने का ऑफर दिया। वह फिल्म में साथ काम कर रहीं अभिनेत्री जरीना वहाब के साथ बनारस घूमते थे। दोनों लोग सारनाथ गए थे और भगवान के बुद्ध के उपदेश स्थली और धमेख स्तूप को देखा था।
विनोद खन्ना को शांति बहुत पसंद थी। इसीलिए वे भगवान बुद्ध को मानते थे और इसी वजह से वह ओशो के अनुयायी बने। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बनारस आए विनोद खन्ना पीएम मोदी के प्रशंसक थे। वो कहते थे कि पीएम मोदी की सोच बहुत अच्छी है।
उन्होंने बताया था कि मुझे पर्यटन मंत्री बनाया जाएगा लेकिन उसी समय उनकी बीमारी शुरू हो गई थी। मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने एक दिन मैसेज कर पूछा था कि बनारस में कोई बदलाव हो रहा है या नहीं। वह बनारस को लेकर फिक्रमंद थे। विनोद खन्ना को जानकारी बहुत थी।
वह खाली टाइम में पुरानी फिल्में देखा करते थे। मुझे याद है उन्होंने मेरे से चरस फ़िल्म की सीडी मंगाए थे । गन्स ऑफ बनारस की शूटिंग के बाद मैं उनसे मिलने मुंबई गया था। अब बस लम्हें साथ हैं। वह सच में एक महान कलाकार थे। वह आज हमारे बीच नहीं रहे।
उनका लास्ट मैसेज दिवाली पर आया उसके बाद उनकी तबियत बिगड़ती गयी । मेरा सौभाग्य है जो मैं उनकी फिल्म देखकर बड़ा हुआ और उनके साथ काम करने और अच्छा समय बिताने का मौक़ा मिला। आप बहुत याद आओगे सर।
विनोद खन्ना को शांति बहुत पसंद थी। इसीलिए वे भगवान बुद्ध को मानते थे और इसी वजह से वह ओशो के अनुयायी बने। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बनारस आए विनोद खन्ना पीएम मोदी के प्रशंसक थे। वो कहते थे कि पीएम मोदी की सोच बहुत अच्छी है।
उन्होंने बताया था कि मुझे पर्यटन मंत्री बनाया जाएगा लेकिन उसी समय उनकी बीमारी शुरू हो गई थी। मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने एक दिन मैसेज कर पूछा था कि बनारस में कोई बदलाव हो रहा है या नहीं। वह बनारस को लेकर फिक्रमंद थे। विनोद खन्ना को जानकारी बहुत थी।
वह खाली टाइम में पुरानी फिल्में देखा करते थे। मुझे याद है उन्होंने मेरे से चरस फ़िल्म की सीडी मंगाए थे । गन्स ऑफ बनारस की शूटिंग के बाद मैं उनसे मिलने मुंबई गया था। अब बस लम्हें साथ हैं। वह सच में एक महान कलाकार थे। वह आज हमारे बीच नहीं रहे।
उनका लास्ट मैसेज दिवाली पर आया उसके बाद उनकी तबियत बिगड़ती गयी । मेरा सौभाग्य है जो मैं उनकी फिल्म देखकर बड़ा हुआ और उनके साथ काम करने और अच्छा समय बिताने का मौक़ा मिला। आप बहुत याद आओगे सर।