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रेजीडेंट के दुर्व्यवहार से गुस्साए छात्रों ने चीफ प्राक्टर को घेरा
Varanasi
Updated Sat, 09 Mar 2013 05:31 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में शुक्रवार को उपचार कराने गए कला संकाय के एक छात्र के साथ दुर्व्यवहार से गुस्साए छात्र चीफ प्राक्टर कार्यालय पहुंचकर धरने पर बैठ गए। वे एक रेजीडेंट डाक्टर पर बदसलूकी का आरोप लगा रहे थे और कार्रवाई की मांग कर रहे थे। छात्रों ने चीफ प्राक्टर का घेराव कर नारेबाजी भी की।
काफी मशक्कत के बाद सुरक्षाकर्मियाें ने छात्रों को वहां से हटाया तो उन्होंने बिरला एक हास्टल के चौराहे को जाम कर दिया। साथ ही सड़क पर ही धरना देने लगे। चीफ प्राक्टर के जांच कराने और दोषी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद भी छात्र नहीं हटे। बाद में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. यूएस द्विवेदी धरना स्थल पर पहुंचे और छात्राें को समझा बूझाकर वहां से हटाया। उन्हाेंने छात्राें को आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होगी। आईएमएस के निदेशक प्रो. आरजी सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। लालबहादुर शास्त्री छात्रावास में रहने वाला बीए प्रथम वर्ष का छात्र आकाश कुमार सिंह दो दिनाें से हाथ में हो रहे दर्द से परेशान था। सुबह आठ बजे वह सर सुंदरलाल अस्पताल में उपचार कराने पहुंचा। उसका आरोप है कि रेजीडेंट डाक्टर जितेंद्र शर्मा ने उसे नंबर से आने को कहा। उसने कहा कि मेरे पास हेल्थ कार्ड है इसीलिए प्राथमिकता मिलनी चाहिए लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई। इसे लेकर रेजीडेंट डाक्टर और आकाश में बहस हो गई। छात्र का आरोप है कि रेजीडेंट ने उसे देख लेने की धमकी भी दी। जबकि, रेजीडेंट जितेंद्र शर्मा का कहना था कि छात्र से सिर्फ इतना कहा गया था कि दूर-दूराज से मरीज आए हैं इसलिए थोड़ा इंतजार कर लो। इस पर वह भड़क गया और वहां चला गया।
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काफी मशक्कत के बाद सुरक्षाकर्मियाें ने छात्रों को वहां से हटाया तो उन्होंने बिरला एक हास्टल के चौराहे को जाम कर दिया। साथ ही सड़क पर ही धरना देने लगे। चीफ प्राक्टर के जांच कराने और दोषी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद भी छात्र नहीं हटे। बाद में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. यूएस द्विवेदी धरना स्थल पर पहुंचे और छात्राें को समझा बूझाकर वहां से हटाया। उन्हाेंने छात्राें को आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होगी। आईएमएस के निदेशक प्रो. आरजी सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। लालबहादुर शास्त्री छात्रावास में रहने वाला बीए प्रथम वर्ष का छात्र आकाश कुमार सिंह दो दिनाें से हाथ में हो रहे दर्द से परेशान था। सुबह आठ बजे वह सर सुंदरलाल अस्पताल में उपचार कराने पहुंचा। उसका आरोप है कि रेजीडेंट डाक्टर जितेंद्र शर्मा ने उसे नंबर से आने को कहा। उसने कहा कि मेरे पास हेल्थ कार्ड है इसीलिए प्राथमिकता मिलनी चाहिए लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई। इसे लेकर रेजीडेंट डाक्टर और आकाश में बहस हो गई। छात्र का आरोप है कि रेजीडेंट ने उसे देख लेने की धमकी भी दी। जबकि, रेजीडेंट जितेंद्र शर्मा का कहना था कि छात्र से सिर्फ इतना कहा गया था कि दूर-दूराज से मरीज आए हैं इसलिए थोड़ा इंतजार कर लो। इस पर वह भड़क गया और वहां चला गया।
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