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दाग नहीं लगने दिया तभी बड़े- बड़े गुंडों से लड़ रहा : अन्ना
Varanasi
Updated Thu, 13 Dec 2012 05:30 AM IST
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वाराणसी। भ्रष्टाचार के खिलाफ देशव्यापी मुहिम छेड़ने वाले अन्ना हजारे ने बुधवार को कहा कि अपने जीवन में एक भी दाग नहीं लगने दिया। इसीलिए बड़े-बड़े गुंडों से लड़ाई लड़ रहा हूं। हमने देश व समाज सेवा का संकल्प लिया है। कहा कि देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम में सफलता अवश्य मिलेगी।
राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ में इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) की तरफ से आयोजित प्रादेशिक कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में अन्ना ने कहा कि इसी जगह से जयप्रकाश नारायण जैसे जननायकों ने आंदोलन शुरू किया। महात्मा गांधी, विनोबा भावे, स्वामी विवेकानंद आदि जैसे जननायकों ने शक्तिशाली भारत का सपना देखा था। गांवों को स्वायत्तशासी व आत्मनिर्भर बनाए बगैर शक्तिशाली भारत का निर्माण मुश्किल है। इसके लिए गांवों को एक परिवार की तरह खड़ा करना होगा। सशक्त भारत का निर्माण युवा शक्ति से ही संभव है। उनका कहना था कि कोई भी चीज असंभव नहीं है। देश से भ्रष्टाचार मिटाने का प्रयास कर रहा हूं। परिवर्तन की लड़ाई लड़ रहा हूं।
अन्ना से पहले पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने लोगों को सतर्क किया कि अन्ना द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे आंदोलन को दबाने के लिए बहुत कोशिश की जाएगी। इसको देखते हुए 30 जनवरी को पटना की रैली में जनता की भागीदारी जरूरी है। कार्यक्रम शुरू होने से पहले लोगों से एक स्लिप पर प्रश्न मांगे गए। बाद में वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारती ने यह कहकर सबको समझाने की कोशिश की कि 80 प्रतिशत लोगों के प्रश्न अरविंद केजरीवाल से संबंधित थे। इस तरह के प्रश्न नहीं उठाए जाने चाहिए। क्योंकि अन्ना इन सबसे काफी आगे निकल चुके हैं। कार्यक्रम में राकेश रफीक, रामधीरज आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
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राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ में इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) की तरफ से आयोजित प्रादेशिक कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में अन्ना ने कहा कि इसी जगह से जयप्रकाश नारायण जैसे जननायकों ने आंदोलन शुरू किया। महात्मा गांधी, विनोबा भावे, स्वामी विवेकानंद आदि जैसे जननायकों ने शक्तिशाली भारत का सपना देखा था। गांवों को स्वायत्तशासी व आत्मनिर्भर बनाए बगैर शक्तिशाली भारत का निर्माण मुश्किल है। इसके लिए गांवों को एक परिवार की तरह खड़ा करना होगा। सशक्त भारत का निर्माण युवा शक्ति से ही संभव है। उनका कहना था कि कोई भी चीज असंभव नहीं है। देश से भ्रष्टाचार मिटाने का प्रयास कर रहा हूं। परिवर्तन की लड़ाई लड़ रहा हूं।
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अन्ना से पहले पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने लोगों को सतर्क किया कि अन्ना द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे आंदोलन को दबाने के लिए बहुत कोशिश की जाएगी। इसको देखते हुए 30 जनवरी को पटना की रैली में जनता की भागीदारी जरूरी है। कार्यक्रम शुरू होने से पहले लोगों से एक स्लिप पर प्रश्न मांगे गए। बाद में वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारती ने यह कहकर सबको समझाने की कोशिश की कि 80 प्रतिशत लोगों के प्रश्न अरविंद केजरीवाल से संबंधित थे। इस तरह के प्रश्न नहीं उठाए जाने चाहिए। क्योंकि अन्ना इन सबसे काफी आगे निकल चुके हैं। कार्यक्रम में राकेश रफीक, रामधीरज आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
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