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व्यापार के नाम पर 13 लाख 25 हजार की ठगी
Varanasi
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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सेवापुरी। इंटरनेट के जरिये आभूषण व्यापार का झांसा देकर जंसा के बड़ौरा निवासी राजकुमार सोनी से 13 लाख 25 हजार रुपये ठग लिए गए। पीडि़त ने इसकी शिकायत मंगलवार को आईजी जोन जीएल मीणा से की। उन्होंने मामले की जांच एसपी सिटी को सौंपी है। उधर, आरोपी का दारोगा भाई मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात बताया गया है।
पीडि़त राजकुमार सोनी के मुताबिक गत वर्ष अर्दली बाजार निवासी दोस्त गुलफाम ने उसे मिरर फारेक्स कंपनी के बारे में बताया था। उसकी मुलाकात जुलाई 2011 को सिगरा स्थित एक होटल में कंपनी के निदेशक अरविंद सेठ से हुई। अरविंद ने बताया कि वह इंटरनेट के माध्यम से सोने, चांदी का व्यापार करता है। देश में छह दफ्तर संचालित होते हैं। कंपनी में एक लाख लगाने पर हर महीने पांच प्रतिशत ब्याज मिलता है। अपने नीचे किसी को जोड़ने पर कमीशन दस प्रतिशत हो जाता है। साल भर में मूलधन वापस हो जाता है। सोनी ने बताया कि उसने मकान बेच और गहने गिरवी रखकर रुपये दिए। पांच और लोगों को कंपनी से जोड़ा। उसके साथ उससे जुड़े अन्य पांच लोगों के कुल 13 लाख 25 हजार रुपये दिए गए। इसका न तो किसी को कमीशन मिला और न ही मूलधन। रुपये मांगने पर अरविंद ने उसे कोलकाता स्थित दफ्तर में मैनेजर बनाने को कहा। होटल के एक कमरे में दफ्तर खोला गया था। 40 दिन काम करने के बाद भी रुपयेे नहीं मिले। 20 हजार रुपये देकर होटल छोड़ना पड़ा। सोनी ने आरोप लगाया कि रुपये मांगने पर आरोपी उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है। उसने सहयोगियों के साथ आईजी से मिलकर उन्हें साक्ष्य के रूप में कंपनी का विजिटिंग कार्ड, सर्वर स्टेटमेंट, पासबुक, कंपनी का फार्म आदि दिया।
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पीडि़त राजकुमार सोनी के मुताबिक गत वर्ष अर्दली बाजार निवासी दोस्त गुलफाम ने उसे मिरर फारेक्स कंपनी के बारे में बताया था। उसकी मुलाकात जुलाई 2011 को सिगरा स्थित एक होटल में कंपनी के निदेशक अरविंद सेठ से हुई। अरविंद ने बताया कि वह इंटरनेट के माध्यम से सोने, चांदी का व्यापार करता है। देश में छह दफ्तर संचालित होते हैं। कंपनी में एक लाख लगाने पर हर महीने पांच प्रतिशत ब्याज मिलता है। अपने नीचे किसी को जोड़ने पर कमीशन दस प्रतिशत हो जाता है। साल भर में मूलधन वापस हो जाता है। सोनी ने बताया कि उसने मकान बेच और गहने गिरवी रखकर रुपये दिए। पांच और लोगों को कंपनी से जोड़ा। उसके साथ उससे जुड़े अन्य पांच लोगों के कुल 13 लाख 25 हजार रुपये दिए गए। इसका न तो किसी को कमीशन मिला और न ही मूलधन। रुपये मांगने पर अरविंद ने उसे कोलकाता स्थित दफ्तर में मैनेजर बनाने को कहा। होटल के एक कमरे में दफ्तर खोला गया था। 40 दिन काम करने के बाद भी रुपयेे नहीं मिले। 20 हजार रुपये देकर होटल छोड़ना पड़ा। सोनी ने आरोप लगाया कि रुपये मांगने पर आरोपी उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है। उसने सहयोगियों के साथ आईजी से मिलकर उन्हें साक्ष्य के रूप में कंपनी का विजिटिंग कार्ड, सर्वर स्टेटमेंट, पासबुक, कंपनी का फार्म आदि दिया।
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