{"_id":"140-80846","slug":"Varanasi-80846-140","type":"story","status":"publish","title_hn":"काशी में चहुंदिशि छाई अन्नकूट महोत्सव की छटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काशी में चहुंदिशि छाई अन्नकूट महोत्सव की छटा
Varanasi
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
वाराणसी। काशी में अन्नकूट महोत्सव की अनूठी झांकियां सजीं। देवी अन्नपूर्णा के दरबार की सजावट में पकवानों, व्यंजनों की विविधता का इस्तेमाल देखते बना तो कालभैरव से कात्यायनी तक के दरबार मेवा, मलाई, लड्डू से सुशोभित हो रहे थे। शहर के प्रमुख मंदिरों में अन्नकूट शृंगार की झांकी देखने के लिए बुधवार की देर रात तक भक्तों का तांता रहा रहा।
पालनहारिणी अन्नपूर्णा के मंदिर में अन्नकूट का प्रसाद गुरुवार से बंटना शुरू हो गया। अन्नपूर्णा मठ-मंदिर ट्रस्ट की ओर से जारी रसीद पर पखवारे भर तक अन्नकूट का प्रसाद भक्त प्राप्त कर सकेंगे। यहां मां को 56 कुंतल मिठाई का भोग अर्पित किया गया था। सुबह से रात 11 बजे तक देवी के नयनाभिराम दरबार की झलक पाने के लिए कर्नाटक, तमिलनाडु से लेकर उत्तर भारत के तमाम इलाकों से भक्तों की भीड़ उमड़ती रही। अन्नकूट के दिन महंत रामेश्वरपुरी महाराज के निर्देशन में सैकड़ों भक्तों को लजीज व्यंजनों से सजी थालियां परोसी गईं। उप महंत शंकर पुरी व्यवस्था देख रहे थे। उधर, मछोदरी स्थित स्वामी नारायण मंदिर में अन्नकूट महोत्सव में छप्पन भोग की झांकी देखने के लिए गुजरात, राजस्थान तक से पहुंचे भक्त लाइन में लगे रहे। भगवान स्वामी नारायण, लक्ष्मीनारायण, शिव-पार्वती के विग्रहों को स्वर्ण आभूषणों से सजाया गया था। यहां अन्नकूट के दर्शन को भोजपुरी सिने स्टार मनोज तिवारी मृदुल भी पहुंचे थे। महंत प्रेमसुख दास की मौजूदगी में देव विग्रहों का षोडसोपचार पूजन आचार्य अशोक पांडेय, अमृतेश पांडेय ने कराया। शाम को आतिशबाजी भी हुई। दशाश्वमेध घाट स्थित शीतला मंदिर में महंत शिव प्रसाद पांडेय के निर्देशन में छप्पन भोग से अन्नकूट शृंगार किया गया। लोहटिया स्थित बड़ा गणेश के अलावा, मृत्युंजय महादेव, कालभैरव, विश्वनाथ गली स्थित सत्यनारायण मंदिर, अक्षयवट हनुमान, कैलाश मंदिर, कात्यायनी मंदिर समेत अन्य विग्रहों की छप्पन भोग की झांकी सजाई गई थी।
इनसेट
बाबा के गर्भगृह में लड्डू से बना शिवालय
वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में बाबा का अन्नकूट शृंगार मोहक तरीके से किया गया। ढाई कुंतल लड्डू से बने शिवालय के द्वार से बाबा विश्वनाथ का भक्त दर्शन कर रहे थे। प्रधान पुजारी वंशनारायण की देखरेख नें 21 कुंतल अन्नकूट का प्रसाद बाबा को अर्पित किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
पालनहारिणी अन्नपूर्णा के मंदिर में अन्नकूट का प्रसाद गुरुवार से बंटना शुरू हो गया। अन्नपूर्णा मठ-मंदिर ट्रस्ट की ओर से जारी रसीद पर पखवारे भर तक अन्नकूट का प्रसाद भक्त प्राप्त कर सकेंगे। यहां मां को 56 कुंतल मिठाई का भोग अर्पित किया गया था। सुबह से रात 11 बजे तक देवी के नयनाभिराम दरबार की झलक पाने के लिए कर्नाटक, तमिलनाडु से लेकर उत्तर भारत के तमाम इलाकों से भक्तों की भीड़ उमड़ती रही। अन्नकूट के दिन महंत रामेश्वरपुरी महाराज के निर्देशन में सैकड़ों भक्तों को लजीज व्यंजनों से सजी थालियां परोसी गईं। उप महंत शंकर पुरी व्यवस्था देख रहे थे। उधर, मछोदरी स्थित स्वामी नारायण मंदिर में अन्नकूट महोत्सव में छप्पन भोग की झांकी देखने के लिए गुजरात, राजस्थान तक से पहुंचे भक्त लाइन में लगे रहे। भगवान स्वामी नारायण, लक्ष्मीनारायण, शिव-पार्वती के विग्रहों को स्वर्ण आभूषणों से सजाया गया था। यहां अन्नकूट के दर्शन को भोजपुरी सिने स्टार मनोज तिवारी मृदुल भी पहुंचे थे। महंत प्रेमसुख दास की मौजूदगी में देव विग्रहों का षोडसोपचार पूजन आचार्य अशोक पांडेय, अमृतेश पांडेय ने कराया। शाम को आतिशबाजी भी हुई। दशाश्वमेध घाट स्थित शीतला मंदिर में महंत शिव प्रसाद पांडेय के निर्देशन में छप्पन भोग से अन्नकूट शृंगार किया गया। लोहटिया स्थित बड़ा गणेश के अलावा, मृत्युंजय महादेव, कालभैरव, विश्वनाथ गली स्थित सत्यनारायण मंदिर, अक्षयवट हनुमान, कैलाश मंदिर, कात्यायनी मंदिर समेत अन्य विग्रहों की छप्पन भोग की झांकी सजाई गई थी।
विज्ञापन
इनसेट
बाबा के गर्भगृह में लड्डू से बना शिवालय
वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में बाबा का अन्नकूट शृंगार मोहक तरीके से किया गया। ढाई कुंतल लड्डू से बने शिवालय के द्वार से बाबा विश्वनाथ का भक्त दर्शन कर रहे थे। प्रधान पुजारी वंशनारायण की देखरेख नें 21 कुंतल अन्नकूट का प्रसाद बाबा को अर्पित किया गया था।
विज्ञापन