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बीएसएनएल में 72 घंटे तक होती रही ‘ओझाई’
Varanasi
Updated Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। भारत संचार निगम लिमिटेड में 72 घंटाें से हजारों उपभोक्ताओं के साथ ‘ओझाई’ का खेल चलता रहा। नौ नवंबर से हजारों नंबरों की आउटगोइंग बंद हो गई है और विभागीय अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। सोमवार को जब एक के बाद एक कई शिकायतें पहुंचीं तो हड़कंप मच गया। छानबीन में पता चला कि लखनऊ से दो सर्वर डाउन है। तब तक शिकायत काउंटर पर उपभोक्ताओं को ई-रिचार्ज से लेकर सिम बदलने तक की सलाह दी जाती रही।
दरअसल शुक्रवार की रात बीएसएनएल लखनऊ के दो सर्वर में तकनीकी खराबी आ गई। उसके बाद से उस सर्वर से जुड़े नंबरों में ईटाप कराते ही आउटगोइंग बंद हो गई। शहर में ऐसे करीब चार हजार नंबर हैं जिनमें ईटाप कराते ही फोन जाना बंद हो गया। इनकमिंग चालू रहा। यहां तक कि कस्टमर केयर भी फोन नहीं लग रहा है। शिवपुरवां स्थित कार्यालय पर जब उपभोक्ता इसकी शिकायत लेकर पहुंचने लगे तो शुरू हो गई ओझाई। पहले उनको 110 रुपये से लेकर 34, 36 और 55 रुपये तक का रिचार्ज कराने की सलाह दी गई और समस्या दूर नहीं हुई तो सिम तक बदलने को कह दिया गया। वहां किसी अधिकारी या कर्मचारी को भनक ही नहीं थी कि आखिर समस्या क्योें आ रही है। कुछ यही हाल रहा नदेसर स्थित बीएसएनएल कार्यालय का। यहां तैनात एसडीओ से लेकर मंडल अभियंता तक को पता नहीं कि ऐसी समस्या भी है। सोमवार को उपभोक्ता इसकी शिकायत करने उपमहाप्रबंधक टीएन मिश्र के कार्यालय गए तो वह मीटिंग में थे। मंडल अभियंता (मोबाइल सेवाएं) पीएस तिवारी को भी पता नहीं था कि 72 घंटे से हजारों मोबाइल बंद पड़े हैं। जब जानकारी दी गई तो उन्होंने पूछकर बताया कि सर्वर खराब होने से सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
......
नहीं मिलता शिकायत नंबर
वाराणसी। बीएसएनएल में उपभोक्ताओं को शिकायत करने पर कोई रसीद या नंबर तक नहीं दिया जाता। सोमवार को जब कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की रसीद मांगी तो कर्मचारी भौचक रह गए। उनका जवाब था कि जबानी काम हो जाता है। शिकायत का कोई रजिस्टर नहीं रखते।
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दरअसल शुक्रवार की रात बीएसएनएल लखनऊ के दो सर्वर में तकनीकी खराबी आ गई। उसके बाद से उस सर्वर से जुड़े नंबरों में ईटाप कराते ही आउटगोइंग बंद हो गई। शहर में ऐसे करीब चार हजार नंबर हैं जिनमें ईटाप कराते ही फोन जाना बंद हो गया। इनकमिंग चालू रहा। यहां तक कि कस्टमर केयर भी फोन नहीं लग रहा है। शिवपुरवां स्थित कार्यालय पर जब उपभोक्ता इसकी शिकायत लेकर पहुंचने लगे तो शुरू हो गई ओझाई। पहले उनको 110 रुपये से लेकर 34, 36 और 55 रुपये तक का रिचार्ज कराने की सलाह दी गई और समस्या दूर नहीं हुई तो सिम तक बदलने को कह दिया गया। वहां किसी अधिकारी या कर्मचारी को भनक ही नहीं थी कि आखिर समस्या क्योें आ रही है। कुछ यही हाल रहा नदेसर स्थित बीएसएनएल कार्यालय का। यहां तैनात एसडीओ से लेकर मंडल अभियंता तक को पता नहीं कि ऐसी समस्या भी है। सोमवार को उपभोक्ता इसकी शिकायत करने उपमहाप्रबंधक टीएन मिश्र के कार्यालय गए तो वह मीटिंग में थे। मंडल अभियंता (मोबाइल सेवाएं) पीएस तिवारी को भी पता नहीं था कि 72 घंटे से हजारों मोबाइल बंद पड़े हैं। जब जानकारी दी गई तो उन्होंने पूछकर बताया कि सर्वर खराब होने से सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
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नहीं मिलता शिकायत नंबर
वाराणसी। बीएसएनएल में उपभोक्ताओं को शिकायत करने पर कोई रसीद या नंबर तक नहीं दिया जाता। सोमवार को जब कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की रसीद मांगी तो कर्मचारी भौचक रह गए। उनका जवाब था कि जबानी काम हो जाता है। शिकायत का कोई रजिस्टर नहीं रखते।
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