{"_id":"140-76521","slug":"Varanasi-76521-140","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब पासपोर्ट बनवाना होगा आसान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब पासपोर्ट बनवाना होगा आसान
Varanasi
Updated Mon, 01 Oct 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। अब आम जनता के लिए पासपोर्ट बनवाना आसान होगा। तीन माह में रीजनल पासपोर्ट कार्यालय, सेवा केंद्र और जिला मुख्यालय तीनों ऑनलाइन हो जाएंगे। इस व्यवस्था से पुलिसकर्मियों को भी फाइल का बोझ लेकर दौड़ना नहीं होगा। आवेदक के समय की भी बचत होगी।
लखनऊ स्थित इंटेलिजेंस मुख्यालय में आयोजित बैठक में भाग लेकर लौटे नोडल अधिकारी ग्रामीण पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने ये जानकारी बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि अब डीपीएचक्यू (डिस्ट्रिक्ट हेड क्वार्टर) मॉडल व्यवस्था लागू होने पर लोग सेवा केंद्र पर अपना फार्म जमा करेंगे। इसके बाद फार्म ऑनआइन हो जाएगा। जिला मुख्यालय पर तैनात पुलिसकर्मी संबंधित आवेदक की थाने और एलआईयू से जांच रिपोर्ट मंगाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद जिला पुलिस मुख्यालय के लिपिक सेवा केंद्र के ऑनलाइन फार्म को खोलकर भरेगा। फार्म में एक दर्जन से अधिक बिंदु हैं। कोई बिंदु अधूरा रहने पर फार्म अस्वीकृत हो जाएगा। फार्म पूरा होने के बाद उसे ऑनलाइन लखनऊ रीजनल पासपोर्ट कार्यालय को भेज दिया जाएगा। आवेदक किसी भी समय इंटरनेट पर अपने पासपोर्ट की स्थिति को देख सकता है। वह इंटरनेट पर शिकायत भी कर सकता है। इस सिस्टम को संचालित करने के लिए टीसीएस (टाटा कंसंल्ट्रेसी सर्विस) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक जिले की पुलिस को कंप्यूटर, प्रिंटर, ब्राडबैंड लगाने के लिए निर्देश दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था को संचालित करने में तीन माह का समय लगेगा।
विज्ञापन
लखनऊ स्थित इंटेलिजेंस मुख्यालय में आयोजित बैठक में भाग लेकर लौटे नोडल अधिकारी ग्रामीण पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने ये जानकारी बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि अब डीपीएचक्यू (डिस्ट्रिक्ट हेड क्वार्टर) मॉडल व्यवस्था लागू होने पर लोग सेवा केंद्र पर अपना फार्म जमा करेंगे। इसके बाद फार्म ऑनआइन हो जाएगा। जिला मुख्यालय पर तैनात पुलिसकर्मी संबंधित आवेदक की थाने और एलआईयू से जांच रिपोर्ट मंगाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद जिला पुलिस मुख्यालय के लिपिक सेवा केंद्र के ऑनलाइन फार्म को खोलकर भरेगा। फार्म में एक दर्जन से अधिक बिंदु हैं। कोई बिंदु अधूरा रहने पर फार्म अस्वीकृत हो जाएगा। फार्म पूरा होने के बाद उसे ऑनलाइन लखनऊ रीजनल पासपोर्ट कार्यालय को भेज दिया जाएगा। आवेदक किसी भी समय इंटरनेट पर अपने पासपोर्ट की स्थिति को देख सकता है। वह इंटरनेट पर शिकायत भी कर सकता है। इस सिस्टम को संचालित करने के लिए टीसीएस (टाटा कंसंल्ट्रेसी सर्विस) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक जिले की पुलिस को कंप्यूटर, प्रिंटर, ब्राडबैंड लगाने के लिए निर्देश दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था को संचालित करने में तीन माह का समय लगेगा।
विज्ञापन