पेट दर्द और बुखार तक की दवाएं खरीदनी पड़ीं

Varanasi Updated Wed, 09 May 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। कबीर चौरा मंडलीय अस्पताल में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री शंखलाल मांझी के दौरे का असर दूसरे दिन ही नहीं दिखा। मंगलवार को न सिर्फ मरीजों के तीमारदारों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ीं बल्कि मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के आने-जाने का क्रम भी यथावत रहा। उसमें कोई बदलाव नहीं आया। यही नहीं, चोलापुर, सेवापुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी मरीज दवा के लिए भटकते रहे। जिन्हें ज्यादा तकलीफ थी, उन्होंने बाजार से खरीदकर काम चलाया।
कबीर चौरा अस्पताल के सामने मंगलवार को भी दवा खरीदने वालाें की भीड़ लगी रही। खदीदारों में ओपीडी ही नहीं, भर्ती मरीजाें के परिजन भी शामिल थे। इन्हीं में से एक रामनगर के रतन कुमार का कहना था कि हमारे मरीज का हर्निया का आपरेशन हुआ है। डाक्टर की सलाह पर कुछ दवाएं बाजार से खरीदनी पड़ रही हैं। इसी प्रकार चोलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बुखार का उपचार कराने पहुंचे परानापटी गांव के समर बहादुर को चिकित्सक ने अस्पताल में अच्छीदवा न होने की दुहाई देते हुए बाजार से खरीदने को कहा। समर बहादुर को दो सौ रुपये की दवाएं खरीदनी पड़ीं। इसी क्रम में धरसौना की पुष्पा देवी को पेट दर्द का उपचार कराने पहुंची तो पर्चे पर लिखी चार में से 105 रुपये की दो दवा बाजार से खरीदनी पड़ी, जबकि बुखार से पीडि़त रौनाखुर्द की सोनम को चिकित्सक ने जो दवा लिखी, वह अस्पताल में थी ही नहीं। उन्हें भी 55 रुपये खर्च करना पड़ा। उधर, सेवापुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शंभुपुर के राजबिहारी उपाध्याय को पेट दर्द की दवा, गोपालपुर के सुखरन कनौजिया को आंख की दवा, भोरकला की शीला बेगम को भी जोड़ाें में दर्द का मलहम बाजार से खरीदना पड़ा। जहां तक रही मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की बात रही तो रोजाना की ही तरह मंगलवार को भी उनका आना-जाना सुबह आठ बजे से ही शुरू हो गया, जबकि स्वास्थ्य मंत्री ने अपराह्न दो बजे तक एमआर से मिलने पर रोक लगाने को कहा था ताकि मरीजों के उपचार में दिक्कत न हो। इस बाबत अस्पताल के सीएमएस डा. डीबी सिंह का कहना था कि स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशाें का अनुपालन करने के लिए सभी चिकित्सकाें को कह दिया गया है।
इनसेट
कौन सही है मंत्री या अपर निदेशक!
वाराणसी। सरकारी अस्पतालों में दवाआें की उपलब्धता के बारे में या तो प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री शंखलाल मांझी सही बोल रहे हैं या फिर अपर निदेशक। स्वास्थ्य मंत्री ने सोमवार को कहा था कि सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं हैं। उन्होंने जरूरत पड़ने पर अस्पताल को मरीजाें के लिए बाजार से भी दवाएं खरीदने को कहा था। साथ ही आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी, लेकिन अपर निदेशक डा. केके सिंह का कुछ और ही कहना है। उनकी मानें तो स्वास्थ्य मंत्री जरूरी दवाआें की उपलब्धता की बात जरूर कह गए हैं लेकिन व्यवहारिक रूप से अस्पतालाें में सभी दवाएं नहीं मिल सकतीं। शासन को दवा की जो सूची भेजी गई थी, उसके अनुसार दवाएं नहीं मिलीं। इसके अलावा पैनल में शामिल दवाएं ही बाजार से खरीदने का निर्देश है, ऐसे में गंभीर बीमारियों की दवा कहां से उपलब्ध हो पाएगी।

Spotlight

Most Read

National

'पद्मावत' के विरोध में मल्टीप्लेक्स के टिकट काउंटर में लगाई आग

रात करीब पौने दस बजे चार-पांच युवक जिन्होंने अपने चेहरे ढक रखे थे, मॉल में आए और टिकट काउंटर के पास पहुंच कर उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।

20 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: श्रीलंका का ये सांस्कृतिक नृत्य देख कर झूम उठेंगे आप

बीएचयू के संगीत एवं मंच कला संकाय के पंडित ओंकार नाथ ठाकुर सभागार में गुरुवार की शाम श्रीलंकाई कलाकारों के नाम रही। यहां श्रीलंका से आए 10 कलाकारों के ‘ठुरैया ग्रुप’ ने पारंपरिक नृत्य से समां बांध दिया।

20 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper