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स्टेट बजट पारित नहीं होने से जनप्रतिनिधि मुश्किल में
Varanasi
Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। नई सरकार के गठन के करीब दो माह बाद भी विधायकों के खातों में उनकी निधि का पैसा नहीं पहुंचा। हालत यह है कि चुनाव के दौरान जनता से किए गए सड़क, खड़ंजा, नाली, हैंडपंप के वादे पूरा न कर पाने से विधायकों पर पब्लिक का दबाव बढ़ता जा रहा है। जनता इन कामों को पूरा होते देखना चाहती है। लेकिन, निधि में पैसा नहीं होने से विधायक लाचार हैं। विधायकों के साथ ही जनता की निगाहें भी अब राज्य सरकार के आम बजट पर लगी हैं।
छह मार्च को विधानसभा चुनाव की मतगणना होने के साथ ही जनता का विश्वास हासिल करने वाले प्रत्याशी विधायक चुन लिए गए। सरकार भी बन गई, लेकिन अभी तक किसी भी विधायक के खाते में उनकी निधि नहीं पहुंची। सामान्यत: प्रतिवर्ष अप्रैल में निधि खाते में आ जाती है। अफसरों के मुताबिक निधि भी बजट का हिस्सा होती है। बजट पारित नहीं होने से निधि जारी होने में विलंब हो रहा है। अब किसी भी विधायक के खाते में कुछ भी शेष नहीं है, जो धन दिख रहा है उसके लिए भी विधायकों द्वारा योजनाएं दी जा चुकी हैं।
बसपा विधायक उदयलाल मौर्या के मुताबिक पिछली बार जब वे विधायक चुने गए थे तो 16वें दिन ही निधि उनके खाते में आ गई थी। इस बार अभी तक निधि नहीं आई है, जिससे विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। छोटे-छोटे कामों के लिए भी जनता को सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है। अपना दल की विधायक अनुप्रिया पटेल भी निधि को लेकर चितिंत हैं। बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ ही क्षेत्र में हैंडपंप की मांग बढ़ गई है। निधि नहीं अलाट होने से यह काम नहीं हो पा रहा है। श्रीमती पटेल इस बात से भी चिंतित हैं कि विधायक बनने के बाद से अब तक महज दो बार उन्हें सदन में जाने का मौका मिला है। एक तो शपथ ग्रहण के दौरान और दूसरा विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के दौरान। अब सदन में कब जाना है, कोई सूचना नहीं है। वहीं, प्रदेश के लोनिवि राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल का कहना है कि बजट पास होगा तो निधि खाते में पहुंच जाएगी। जून के पहले सप्ताह तक विधायक निधि के साथ ही पूर्वांचल निधि का धन भी आ जाएगा।
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छह मार्च को विधानसभा चुनाव की मतगणना होने के साथ ही जनता का विश्वास हासिल करने वाले प्रत्याशी विधायक चुन लिए गए। सरकार भी बन गई, लेकिन अभी तक किसी भी विधायक के खाते में उनकी निधि नहीं पहुंची। सामान्यत: प्रतिवर्ष अप्रैल में निधि खाते में आ जाती है। अफसरों के मुताबिक निधि भी बजट का हिस्सा होती है। बजट पारित नहीं होने से निधि जारी होने में विलंब हो रहा है। अब किसी भी विधायक के खाते में कुछ भी शेष नहीं है, जो धन दिख रहा है उसके लिए भी विधायकों द्वारा योजनाएं दी जा चुकी हैं।
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बसपा विधायक उदयलाल मौर्या के मुताबिक पिछली बार जब वे विधायक चुने गए थे तो 16वें दिन ही निधि उनके खाते में आ गई थी। इस बार अभी तक निधि नहीं आई है, जिससे विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। छोटे-छोटे कामों के लिए भी जनता को सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है। अपना दल की विधायक अनुप्रिया पटेल भी निधि को लेकर चितिंत हैं। बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ ही क्षेत्र में हैंडपंप की मांग बढ़ गई है। निधि नहीं अलाट होने से यह काम नहीं हो पा रहा है। श्रीमती पटेल इस बात से भी चिंतित हैं कि विधायक बनने के बाद से अब तक महज दो बार उन्हें सदन में जाने का मौका मिला है। एक तो शपथ ग्रहण के दौरान और दूसरा विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के दौरान। अब सदन में कब जाना है, कोई सूचना नहीं है। वहीं, प्रदेश के लोनिवि राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल का कहना है कि बजट पास होगा तो निधि खाते में पहुंच जाएगी। जून के पहले सप्ताह तक विधायक निधि के साथ ही पूर्वांचल निधि का धन भी आ जाएगा।
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