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छात्र परिषद में निर्वाचन नियमों में बदलाव की तैयारी
Varanasi
Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। बीएचयू में छात्र परिषद के निर्वाचन नियमावली में बदलाव लाने की तैयारी है। लक्ष्य यह है कि पिछली बार की खामियां आगे ना रहें। सबसे पहले तो निर्वाचन प्रक्रिया की अवधि को सीमित करना है। खास तौर पर मतदान वाले चरण की अवधि को आधा करने पर मंथन जारी है। प्रस्ताव यह है कि संकाय प्रतिनिधि का निर्वाचन और उसके बाद उनमें से केंद्रीय कार्यकारिणी में महासचिव समेत अन्य पदों के लिए पदाधिकारी निर्वाचन की प्रक्रिया एक ही दिन में करा ली जाए। लक्ष्य है कि इससे गत बार की तरह संकाय प्रतिनिधियों को संगठनों द्वारा अपने पाले में रखने को जोड़तोड़ वाली स्थिति न बन सके। गुरुवार को नियमावली में बदलाव संबंधी विश्लेषणात्मक सिफारिशें देने को गठित कमेटी की पहली बैठक हुई। प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि पिछले निर्वाचन में केंद्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों का चुनाव संकाय प्रतिनिधि के निर्वाचन के दूसरे दिन हुआ था। इससे अंतिम कड़ी के चुनाव से पूर्व संध्या और रात को निर्वाचित संकाय प्रतिनिधियों को अपने पाले में लेने को विभिन्न छात्र संगठनों में जबरदस्त होड़ की स्थिति बनी थी। प्राक्टोरियल बोर्ड के लोग भी इसे पूरी तरह नहीं रोक पाए थे और उनका पसीना छूट गया था। इस बिंदु के अलावा साथ ही शोध छात्रों की उम्र संबंधी अर्हता में कुछ छूट देने पर मंथन हुआ। यह उम्र सीमा गत चुनाव में 28 वर्ष थी। सूत्रों ने बताया कि करीब माह भर में संशोधन संबंधी बिदुवार सुझाव कुलपति को समक्ष विचारार्थ पेश किए जाएंगे।
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