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अब प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना मेें होंगे विकास कार्य
Varanasi
Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। केंद्र सरकार कुल आबादी की पचास फीसदी अनुसूचित जाति वाली ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना संचालित करने की तैयारी में है। इस योजना के तहत पूरे प्रदेश में एक हजार गांवों का चयन कर पायलट प्रोजेक्ट तैयार किए जाएंगे। इसके बाद चयनित गांवों का सर्वांगीण विकास किया जाएगा।
केंद्र सरकार अब विशेष रूप से अनुसूचित जाति की बहुलता वाले गांवों में सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित करने जा रही है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी दिशा निर्देश के क्रम में ग्राम्य विकास आयुक्त ने सभी जिलों को पत्र भेजकर प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने योजना लागू होने से पहले गांवों का सर्वे करने के लिए कहा है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामसभा की भौगोलिक स्थिति, पूर्व में संचालित विकास कार्यक्रमों के परिप्रेक्ष्य में वहां की सामाजिक व आर्थिक स्थिति का आंकलन कर समेकित विकास की कार्ययोजना तैयार करना है। सर्वे कार्य में मूल रूप से संबंधित ग्रामसभा के मूलभूत आंकड़े जुटाने के लिए कहा गया है। इसमें भी ग्रामसभा में बने आवास, वहां रहने वालों की आर्थिक स्थिति, कृषि, पशुपालन, महिलाओं व बच्चों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं व पुष्टाहार की उपलब्धता, शैक्षिक स्तर, बैंकिंग सुविधा आदि पर विशेष जोर देने के लिए कहा गया है। यह भी कहा गया है कि सर्वे के आंकड़ों को अंतिम रूप देने से पहले उसे ग्रामसभा में प्रस्तुत किया जाए। बैठक में सर्वे के जरिये प्राप्त रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी। इस दौरान आए सुझावों को शामिल करने के बाद ही आंकड़ों को अंतिम रूप दिया जाएगा। उधर, डीडीओ आरके सिंह का कहना है कि सभी बीडीओ से कहा गया है कि वे जिन गांवों में पचास प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति के लोगों की आबादी है उनकी सूची तैयार सर्वे करें।
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केंद्र सरकार अब विशेष रूप से अनुसूचित जाति की बहुलता वाले गांवों में सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित करने जा रही है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी दिशा निर्देश के क्रम में ग्राम्य विकास आयुक्त ने सभी जिलों को पत्र भेजकर प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने योजना लागू होने से पहले गांवों का सर्वे करने के लिए कहा है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामसभा की भौगोलिक स्थिति, पूर्व में संचालित विकास कार्यक्रमों के परिप्रेक्ष्य में वहां की सामाजिक व आर्थिक स्थिति का आंकलन कर समेकित विकास की कार्ययोजना तैयार करना है। सर्वे कार्य में मूल रूप से संबंधित ग्रामसभा के मूलभूत आंकड़े जुटाने के लिए कहा गया है। इसमें भी ग्रामसभा में बने आवास, वहां रहने वालों की आर्थिक स्थिति, कृषि, पशुपालन, महिलाओं व बच्चों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं व पुष्टाहार की उपलब्धता, शैक्षिक स्तर, बैंकिंग सुविधा आदि पर विशेष जोर देने के लिए कहा गया है। यह भी कहा गया है कि सर्वे के आंकड़ों को अंतिम रूप देने से पहले उसे ग्रामसभा में प्रस्तुत किया जाए। बैठक में सर्वे के जरिये प्राप्त रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी। इस दौरान आए सुझावों को शामिल करने के बाद ही आंकड़ों को अंतिम रूप दिया जाएगा। उधर, डीडीओ आरके सिंह का कहना है कि सभी बीडीओ से कहा गया है कि वे जिन गांवों में पचास प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति के लोगों की आबादी है उनकी सूची तैयार सर्वे करें।
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