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गंगा में उफान से तटीय इलाकों में हड़कंप
Varanasi
Updated Sun, 10 Aug 2014 05:30 AM IST
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वाराणसी। पूर्वांचल में शनिवार की दोपहर गंगा में आए उफान से तटीय बस्तियों में हड़कंप मच गया। वाराणसी में 10 सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है जबकि मिर्जापुर में यह रफ्तार 15 सेंटीमीटर है। देर शाम काशी में जलस्तर 66.38 मीटर रिकार्ड किया गया। गंगा में तेज बढ़ाव से वरुणा में भी पानी का दबाव बढ़ गया है। वरुणा किनारे की बस्तियों पर बाढ़ का खतरा मंडराने से सैकड़ों परिवार पलायन की तैयारी में जुट गए हैं। बढ़ाव की रफ्तार कम नहीं हुई तो तटीय इलाकों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रात दस बजे गंगा में बढ़ाव 12 सेंटीमीटर प्रतिघंटे की दर से होने के साथ जलस्तर 66.96 पर पहुंच गया था।
गंगा में आए उफान से शनिवार की शाम हालत यह हुई कि हरिश्चंद्र घाट पर सतह से 12 फीट ऊंचा मशानेश्वर महादेव का विग्रह डूबने के कगार पर आ गया। हरिश्चंद्र घाट और मणिकर्णिका श्मशान पर चिताएं अब ऊपर की सीढि़यों पर लगने लगी हैं। शाम को शीतला घाट पर आदि बुढि़या माता की गुफा से आगे बढ़कर प्रवाह माता शीतला के द्वार पर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग ने शाम पांच बजे राजघाट के पास जल स्तर 66.38 मीटर रिकार्ड किया। इस समय तक वाराणसी में 10 सेंटीमीटर प्रतिघंटा लेकिन रात दस बजे 12 सेंटीमीटर की रफ्तार से गंगा बढ़ रही थी। इलाहाबाद में जलस्तर 17 सेंटीमीटर प्रतिघंटा और मिर्जापुर में 15 सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से रिकार्ड किया गया। तेज बढ़ाव को देखते हुए घाटों से पंडों की चौकियां, छतरियां हटाने का काम देर रात तक चला। मल्लाह नावों के लंगर लगातार बांध रहे हैं, ताकि कोई नाव बहने न पाए। उधर, वरुणा किनारे की बस्तियों में बाढ़ का खतरा लोगों को सताने लगा है। कोनिया, सरैया, नक्खीखाट, मीराघाट, पुलकोहना और तीनपुलौवा मोहल्लों की बस्तियों से लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की तैयारी में जुट गए हैं। करघों में पानी घुसा तो बुनकरों को लाखों रुपये के नुकसान का भी सामना करना पड़ सकता है।
प्वाइंटर
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- 66.38 मीटर पर पहुंचा गंगा का जलस्तर
- 10 सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हो रहा बढ़ाव
- वाराणसी में 70.262 मीटर है चेतावनी बिंदु
- 06 से अधिक वरुणा किनारे की बस्तियों में मंडराया बाढ़ का खतरा
कोट
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गंगा के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। जलस्तर के 70 मीटर के चेतावनी बिंदु पर पहुंचते ही प्रशासन बचाव कार्यों में जुट जाएगा। राहत-बचाव कार्यों की पूरी तैयारी कर ली गई है। किसी भी स्थिति से निबटने के लिए प्रशासन तैयार है। अभी तक किसी इलाके में पानी घुसने की कोई सूचना नहीं है।
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- प्रांजल यादव, जिलाधिकारी
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गंगा में आए उफान से शनिवार की शाम हालत यह हुई कि हरिश्चंद्र घाट पर सतह से 12 फीट ऊंचा मशानेश्वर महादेव का विग्रह डूबने के कगार पर आ गया। हरिश्चंद्र घाट और मणिकर्णिका श्मशान पर चिताएं अब ऊपर की सीढि़यों पर लगने लगी हैं। शाम को शीतला घाट पर आदि बुढि़या माता की गुफा से आगे बढ़कर प्रवाह माता शीतला के द्वार पर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग ने शाम पांच बजे राजघाट के पास जल स्तर 66.38 मीटर रिकार्ड किया। इस समय तक वाराणसी में 10 सेंटीमीटर प्रतिघंटा लेकिन रात दस बजे 12 सेंटीमीटर की रफ्तार से गंगा बढ़ रही थी। इलाहाबाद में जलस्तर 17 सेंटीमीटर प्रतिघंटा और मिर्जापुर में 15 सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से रिकार्ड किया गया। तेज बढ़ाव को देखते हुए घाटों से पंडों की चौकियां, छतरियां हटाने का काम देर रात तक चला। मल्लाह नावों के लंगर लगातार बांध रहे हैं, ताकि कोई नाव बहने न पाए। उधर, वरुणा किनारे की बस्तियों में बाढ़ का खतरा लोगों को सताने लगा है। कोनिया, सरैया, नक्खीखाट, मीराघाट, पुलकोहना और तीनपुलौवा मोहल्लों की बस्तियों से लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की तैयारी में जुट गए हैं। करघों में पानी घुसा तो बुनकरों को लाखों रुपये के नुकसान का भी सामना करना पड़ सकता है।
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- 66.38 मीटर पर पहुंचा गंगा का जलस्तर
- 10 सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हो रहा बढ़ाव
- वाराणसी में 70.262 मीटर है चेतावनी बिंदु
- 06 से अधिक वरुणा किनारे की बस्तियों में मंडराया बाढ़ का खतरा
कोट
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गंगा के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। जलस्तर के 70 मीटर के चेतावनी बिंदु पर पहुंचते ही प्रशासन बचाव कार्यों में जुट जाएगा। राहत-बचाव कार्यों की पूरी तैयारी कर ली गई है। किसी भी स्थिति से निबटने के लिए प्रशासन तैयार है। अभी तक किसी इलाके में पानी घुसने की कोई सूचना नहीं है।
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- प्रांजल यादव, जिलाधिकारी