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बाबा विश्वनाथ के दरबार में लगी पांच किमी लंबी कतार
Varanasi
Updated Tue, 29 Jul 2014 05:30 AM IST
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वाराणसी। बोल बम और हर हर महादेव के उद्घोष के बीच सावन के तीसरे सोमवार को बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए भक्तों का रेला उमड़ा तो कई रास्ते पैक हो गए। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार छत्ताद्वार के लिए दो तरफ से करीब पांच किमी लंबी कतार लग गई। इस महीने की रिकार्डतोड़ भीड़ को देखते हुए पुलिस ने गलियों में भी बैरिकेडिंग लगा दी, इससे मंदिर से लगे मोहल्लों के लोग दिन भर घरों से निकल नहीं सके। देर शाम तक डेढ़ लाख से अधिक भक्तों ने बाबा का जलाभिषेक किया। केंद्रीय लघु उद्योगमंत्री कलराज मिश्र के अलावा सूबे के प्राविधिक शिक्षा मंत्री शिवाकांत और धर्मार्थ मंत्री विजय मिश्र ने भी बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई।
कांवरियों के साथ आम भक्तों की भीड़ उमड़ने से भोर में ही विश्वनाथ मंदिर जाने वाली सड़कों का नजारा बदल गया। हालत यह हुई कि दशाश्वमेध से गिरजाघर होते हुए लक्सा थाने के पास से दोहरी लाइन गोदौलिया होते हुए छत्ताद्वार की ओर बढ़ रही थी। दूसरी ओर मैदागिन से लगे अग्रसेन महिला महाविद्यालय से चौक होते हुए दूसरी कतार लगी थी। भोग आरती के लिए पट बंद होने से पहले ही ज्ञानवापी कंट्रोल रूम ने 80 हजार भक्तों के जलाभिषेक का दावा किया। लंबे इंतजार के बाद तिल-तिल आगे बढ़ते भक्तों के सिर से पांव तक जगह-जगह लोग पानी की फुहार डाल रहे थे, ताकि उमस से उन्हें राहत मिल सके। बैरिकेडिंग में लगे भोले भक्तों को कोई चाय पहुंचा रहा था तो कोई पानी। उत्साह के साथ भक्त बोल बम... के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। भीड़ के दबाव को देखते हुए पुलिस ने मंदिर जाने वाले रास्तों पर दो पहिया वाहनों को भी नहीं गुजरने दिया। उधर, छत्ताद्वार से भी वीआईपी के नाम पर किसी को भी कतार छोड़कर आगे न बढ़ने देने से आम भक्तों को राहत महसूस हुई। शाम पांच बजे तक 1.50 लाख भक्तों ने दर्शन किया। बाबा विश्वनाथ के दरबार में अर्धनारीश्वर शृंगार की मोहक झांकी की छटा देखते बन रही थी।
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कांवरियों के साथ आम भक्तों की भीड़ उमड़ने से भोर में ही विश्वनाथ मंदिर जाने वाली सड़कों का नजारा बदल गया। हालत यह हुई कि दशाश्वमेध से गिरजाघर होते हुए लक्सा थाने के पास से दोहरी लाइन गोदौलिया होते हुए छत्ताद्वार की ओर बढ़ रही थी। दूसरी ओर मैदागिन से लगे अग्रसेन महिला महाविद्यालय से चौक होते हुए दूसरी कतार लगी थी। भोग आरती के लिए पट बंद होने से पहले ही ज्ञानवापी कंट्रोल रूम ने 80 हजार भक्तों के जलाभिषेक का दावा किया। लंबे इंतजार के बाद तिल-तिल आगे बढ़ते भक्तों के सिर से पांव तक जगह-जगह लोग पानी की फुहार डाल रहे थे, ताकि उमस से उन्हें राहत मिल सके। बैरिकेडिंग में लगे भोले भक्तों को कोई चाय पहुंचा रहा था तो कोई पानी। उत्साह के साथ भक्त बोल बम... के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। भीड़ के दबाव को देखते हुए पुलिस ने मंदिर जाने वाले रास्तों पर दो पहिया वाहनों को भी नहीं गुजरने दिया। उधर, छत्ताद्वार से भी वीआईपी के नाम पर किसी को भी कतार छोड़कर आगे न बढ़ने देने से आम भक्तों को राहत महसूस हुई। शाम पांच बजे तक 1.50 लाख भक्तों ने दर्शन किया। बाबा विश्वनाथ के दरबार में अर्धनारीश्वर शृंगार की मोहक झांकी की छटा देखते बन रही थी।
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