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सीनेट की बैठक बुलाने तक जारी रहेगी स्ट्राइक
Varanasi
Updated Thu, 27 Mar 2014 05:31 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू आईआईटी में नए अटेंडेंस रूल के विरोध में छात्रों के सख्त रुख को देखते हुए निदेशक प्रो. राजीव संगल देर रात तक वरिष्ठ प्राध्यापकों के साथ इस मसले पर बैठक करते रहे। हालांकि अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया। उधर, छात्र भी इस बात पर डटे हुए हैं कि जब तक इस मसले पर सीनेट की बैठक नहीं बुलाई जाएगी, अनशन जारी रहेगा।
बता दें कि आईआईटी के करीब चार हजार छात्रों ने इससे पहले 12 मार्च की देर रात जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कराया था। अगले दिन होने वाले क्लास टेस्ट-2 का बहिष्कार कर आईआईटी निदेशक कार्यालय के सामने परीक्षा का बहिष्कार कर धरना दिया और चक्काजाम भी किया। वरिष्ठ प्राध्यापकों ने उन्हें समझाया कि 19 मार्च को होने वाली सीनेट की बैठक में उनकी मांगें रखी जाएंगी। इस आश्वासन पर छात्र माने। इसके बाद फिर 14 मार्च को भी करीब डेढ़ हजार छात्रों ने निदेशक कार्यालय में घुसकर करीब घंटेभर तक नारेबाजी की और देर रात तक विरोध प्रदर्शन किया।
इसके बाद विरोध की चिंगारी बुधवार को फिर भड़क उठी। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का कहना है कि 19 मार्च को सीनेट की बैठक ही नहीं हुई। अब कहा जा रहा है कि 15 अप्रैल को बैठक होगी। छात्रों की नाराजगी इस बात पर है कि अब तक निदेशक ने उनसे इस मसले पर कोई बात ही नहीं की। दूसरे, उपस्थिति का नया नियम व्यावहारिक नहीं है। आठ मार्च, 2014 को इसका निर्देश आया जबकि इसे जुलाई, 2013 से लागू किया जा रहा है। इसके चलते दिसंबर, 2013 में हुई परीक्षा में कई छात्र नंबर अधिक होते हुए भी फेल कर दिए गए हैं।
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बता दें कि आईआईटी के करीब चार हजार छात्रों ने इससे पहले 12 मार्च की देर रात जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कराया था। अगले दिन होने वाले क्लास टेस्ट-2 का बहिष्कार कर आईआईटी निदेशक कार्यालय के सामने परीक्षा का बहिष्कार कर धरना दिया और चक्काजाम भी किया। वरिष्ठ प्राध्यापकों ने उन्हें समझाया कि 19 मार्च को होने वाली सीनेट की बैठक में उनकी मांगें रखी जाएंगी। इस आश्वासन पर छात्र माने। इसके बाद फिर 14 मार्च को भी करीब डेढ़ हजार छात्रों ने निदेशक कार्यालय में घुसकर करीब घंटेभर तक नारेबाजी की और देर रात तक विरोध प्रदर्शन किया।
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इसके बाद विरोध की चिंगारी बुधवार को फिर भड़क उठी। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का कहना है कि 19 मार्च को सीनेट की बैठक ही नहीं हुई। अब कहा जा रहा है कि 15 अप्रैल को बैठक होगी। छात्रों की नाराजगी इस बात पर है कि अब तक निदेशक ने उनसे इस मसले पर कोई बात ही नहीं की। दूसरे, उपस्थिति का नया नियम व्यावहारिक नहीं है। आठ मार्च, 2014 को इसका निर्देश आया जबकि इसे जुलाई, 2013 से लागू किया जा रहा है। इसके चलते दिसंबर, 2013 में हुई परीक्षा में कई छात्र नंबर अधिक होते हुए भी फेल कर दिए गए हैं।
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