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स्वायतता को लेकर बीएचयू में असमंजस बरकरार
Updated Thu, 22 Mar 2018 02:35 AM IST
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वाराणसी। जेएनयू, हैदराबाद, बीएचयू सहित कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों को दी जाने वाली स्वायत्तता को लेकर फिलहाल असमंजस बना हुआ है। हालांकि विश्वविद्यालय पहले से ही स्वायत्तशासी है और इसी आधार पर संचालन हो रहा है, ऐसे में मानव संसाधन विकास मंत्री की इस घोषणा के बाद लोग यह समझ नहीं पा रहे हैं, इससे आखिर क्या लाभ होगा। अब हर कोई घोषणा के बाद मंत्रालय की ओर से आने वाले लिखित आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने मंगलवार को बीएचयू, जेएनयू, एएमयू समेत 52 विश्वविद्यालयों के स्वायत्त होने की घोषणा की थी। बुधवार को जब इसकी जानकारी हुई तो हर कोई यह जानने में लग गया कि इस फैसले का विश्वविद्यालय के शैक्षणिक ढांचे पर क्या प्रभाव पड़ेगा। विश्वविद्यालय के कुछ वरिष्ठ शिक्षकों के मुताबिक विश्वविद्यालय पहले भी स्वायत्त था लेकिन अब इस स्वायत्ता का क्या मतलब होगा, समझ नहीं आ रहा है। जब तक मंत्रालय की ओर से लिखित आदेश नहीं आ जाता है, तब तक कुछ भी कह पाना आसान नहीं। इस बारे में विश्वविद्यालय के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राजेश सिंह का कहना है कि अभी विश्वविद्यालय के पास ऐसी कोई सूचना नहीं आई है, जिससे कि विस्तृत बताया जा सके।
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मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने मंगलवार को बीएचयू, जेएनयू, एएमयू समेत 52 विश्वविद्यालयों के स्वायत्त होने की घोषणा की थी। बुधवार को जब इसकी जानकारी हुई तो हर कोई यह जानने में लग गया कि इस फैसले का विश्वविद्यालय के शैक्षणिक ढांचे पर क्या प्रभाव पड़ेगा। विश्वविद्यालय के कुछ वरिष्ठ शिक्षकों के मुताबिक विश्वविद्यालय पहले भी स्वायत्त था लेकिन अब इस स्वायत्ता का क्या मतलब होगा, समझ नहीं आ रहा है। जब तक मंत्रालय की ओर से लिखित आदेश नहीं आ जाता है, तब तक कुछ भी कह पाना आसान नहीं। इस बारे में विश्वविद्यालय के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राजेश सिंह का कहना है कि अभी विश्वविद्यालय के पास ऐसी कोई सूचना नहीं आई है, जिससे कि विस्तृत बताया जा सके।
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