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तीन हजार एनपीए किसानों का माफ होगा कर्ज
Updated Sun, 25 Feb 2018 01:16 AM IST
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ज्ञानपुर। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी किसान ऋण मोचन योजना के तहत अब एनपीए (निष्क्रिय खाता वाले) किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा। पहले चरण में तीन हजार किसानों को इसका लाभ मिलेगा। कृषि विभाग ने सत्यापन कराने के बाद सूची शासन को भेज दी गई है। मार्च में चिह्नित किसानों का कर्ज माफ हो जाएगा। पहले दो चरणों में सहकारी बैंकों से जुड़े किसान इससे लाभान्वित होंगे। इसके बाद दूसरे बैंकों के एनपीए किसानों को लाभ मिलेगा।
सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद किसानों ऋणमाफी की योजना शुरू की गई। जिले में 22 हजार किसानों को कर्जमाफी के लिए चिह्नित किया गया। तीनों तहसीलों में सत्यापन के बाद करीब 12 हजार किसानों को अपात्र घोषित कर दिया गया। फिर तीन चरणों में 10 हजार किसानों का एक-एक लाख रुपये कर्ज माफ हुआ। इसके बाद कृषि विभाग एनपीए (नॉन परफॉर्म एकाउंट) वाले किसानों का कर्ज माफ करने की कवायद में जुट गया है। शुरुआती दौर में सहकारी बैंकों के करीब सात हजार एनपीए खातों में तीन हजार का सत्यापन कराकर शासन को भेजा गया।
जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि एनपीए का कितना कर्ज माफ होगा, यह शासन स्तर से ही तय होगा। पहले चरण में तीन हजार एनपीए खातों की सूची भेजी गई है। बता दें कि बैंकों से खेती, खाद, बीज, कृषि उपकरणों की खरीदारी के लिए केसीसी से किसान लोन लेते हैं। जो किसान समय पर बैंकों का लोन जमा करते रहते हैं, उनकी क्रेडिट अच्छी बनी रहती है। ऐसे किसानों को पहले तीन चरणों में एक-एक लाख कर्जमाफी का लाभ मिला। वहीं, तमाम किसान ऐसे हैं, जो लोन जमा नहीं कर पाते तो उनका लेन-देन बंद कर दिया जाता है। बैंकों की ओर से उन्हें नोटिस भेजकर पैसा जमा करने के लिए कहा जाता है। न जमा करने की स्थिति में उस खाते को एनपीए कर दिया जाता है।
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सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद किसानों ऋणमाफी की योजना शुरू की गई। जिले में 22 हजार किसानों को कर्जमाफी के लिए चिह्नित किया गया। तीनों तहसीलों में सत्यापन के बाद करीब 12 हजार किसानों को अपात्र घोषित कर दिया गया। फिर तीन चरणों में 10 हजार किसानों का एक-एक लाख रुपये कर्ज माफ हुआ। इसके बाद कृषि विभाग एनपीए (नॉन परफॉर्म एकाउंट) वाले किसानों का कर्ज माफ करने की कवायद में जुट गया है। शुरुआती दौर में सहकारी बैंकों के करीब सात हजार एनपीए खातों में तीन हजार का सत्यापन कराकर शासन को भेजा गया।
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जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि एनपीए का कितना कर्ज माफ होगा, यह शासन स्तर से ही तय होगा। पहले चरण में तीन हजार एनपीए खातों की सूची भेजी गई है। बता दें कि बैंकों से खेती, खाद, बीज, कृषि उपकरणों की खरीदारी के लिए केसीसी से किसान लोन लेते हैं। जो किसान समय पर बैंकों का लोन जमा करते रहते हैं, उनकी क्रेडिट अच्छी बनी रहती है। ऐसे किसानों को पहले तीन चरणों में एक-एक लाख कर्जमाफी का लाभ मिला। वहीं, तमाम किसान ऐसे हैं, जो लोन जमा नहीं कर पाते तो उनका लेन-देन बंद कर दिया जाता है। बैंकों की ओर से उन्हें नोटिस भेजकर पैसा जमा करने के लिए कहा जाता है। न जमा करने की स्थिति में उस खाते को एनपीए कर दिया जाता है।
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