{"_id":"59496b684f1c1bbc468b4830","slug":"91497983848-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएचयू : चिकित्सकों और कर्मचारियों से पूछताछ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएचयू : चिकित्सकों और कर्मचारियों से पूछताछ
Updated Wed, 21 Jun 2017 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में सात जून को ऑपरेशन के 24 घंटे बाद हुई मौतों के मामले में गठित हाई पावर कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। सूत्रों ेक मुताबिक मंगलवार को जांच कमेटी ने ऑपरेशन थिएटर में तैनात चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ से पूछताछ की।
ऑपरेशन थिएटर में छह-सात जून को ऑपरेशन के बाद हुई मौतों को लेकर अस्पताल प्रशासन सकते में है। आठ सदस्यीय फैक्ट फाइडिंग कमेटी ने इसमें नाइट्रस आक्साइड और आइसोफ्लोरेन के ओवरडोज की आशंका जताई थी। उधर, 15 जून को कुलपति के निर्देश पर आईएमएस डायरेक्टर प्रो. वीके शुक्ला के संयोजन में बनी कमेटी जांच शुरू कर दी है। जांच कमेटी ओटी में उपलब्ध संसाधनों की गुणवत्ता भी परखेगी। ताकि भविष्य में इस तरह की घटना न हो।
इमरजेंसी की तरफ जाने वाला गेट बंद
ओपीडी गैलरी से इमरजेंसी की तरफ जाने वाला गेट बंद रहेगा। यहां से केवल इमरजेंसी के मरीज जा सकेंगे। इमरजेंसी इंचार्ज डॉ. कुंदन कुमार ने बताया कि कई लोग इसी रास्ते से बाहर निकलने के लिए आते-जाते हैं, इससे इमरजेंसी के मरीजों को परेशानी होती है। यहां तैनात गार्ड इमरजेंसी के मरीजों के लिए ही गेट खोलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ऑपरेशन थिएटर में छह-सात जून को ऑपरेशन के बाद हुई मौतों को लेकर अस्पताल प्रशासन सकते में है। आठ सदस्यीय फैक्ट फाइडिंग कमेटी ने इसमें नाइट्रस आक्साइड और आइसोफ्लोरेन के ओवरडोज की आशंका जताई थी। उधर, 15 जून को कुलपति के निर्देश पर आईएमएस डायरेक्टर प्रो. वीके शुक्ला के संयोजन में बनी कमेटी जांच शुरू कर दी है। जांच कमेटी ओटी में उपलब्ध संसाधनों की गुणवत्ता भी परखेगी। ताकि भविष्य में इस तरह की घटना न हो।
विज्ञापन
इमरजेंसी की तरफ जाने वाला गेट बंद
ओपीडी गैलरी से इमरजेंसी की तरफ जाने वाला गेट बंद रहेगा। यहां से केवल इमरजेंसी के मरीज जा सकेंगे। इमरजेंसी इंचार्ज डॉ. कुंदन कुमार ने बताया कि कई लोग इसी रास्ते से बाहर निकलने के लिए आते-जाते हैं, इससे इमरजेंसी के मरीजों को परेशानी होती है। यहां तैनात गार्ड इमरजेंसी के मरीजों के लिए ही गेट खोलेगा।
विज्ञापन