{"_id":"5c52062ebdec224dab5ffaab","slug":"81548879406-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस बच्चे डिस्चार्ज, छह का चल रहा इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दस बच्चे डिस्चार्ज, छह का चल रहा इलाज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। भदोही में स्कूल वैन में आग लगने से झुलसे छह बच्चों का अब भी बीएचयू के ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। चार आईसीयू, जबकि दो प्लास्टिक सर्जरी वार्ड में भर्ती हैं। उधर, मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद बुधवार को ट्रामा सेंटर में सक्रियता अधिक दिखी। दोपहर में चिकित्सकों ने आईसीयू जाकर भर्ती बच्चों के इलाज की जानकारी ली। बताया गया कि भर्ती बच्चों की सेहत में सुधार हो रहा है।
12 जनवरी की सुबह भदोही के लखनो गांव में स्कूली वैन में गैस सिलेंडर से आग लग गई थी। हादसे में 19 बच्चे झुलस गए थे। प्राथमिक इलाज के बाद सभी को बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। सप्ताह भर बाद इनमें से तीन बच्चों की मौत हो गई। हालत में सुधार होने पर दस बच्चों को डिस्चार्ज किया जा चुका है, जबकि छह अन्य बच्चों की हालत धीरे-धीरे सुधर रही है। अभिभावकों के मुताबिक, चिकित्सकों ने बच्चों के पूरी तरह से ठीक होने में दो से तीन महीने का समय लगने की बात कही है। उधर, बच्चों के इलाज को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के बाद 29 जनवरी की शाम बच्चों को जनरल सर्जरी वार्ड से प्लास्टिक सर्जरी वार्ड के सेमी प्राइवेट कक्ष में शिफ्ट किया गया है। इलाज को लेकर भी विशेष सावधानी बरती जा रही है।
विज्ञापन
12 जनवरी की सुबह भदोही के लखनो गांव में स्कूली वैन में गैस सिलेंडर से आग लग गई थी। हादसे में 19 बच्चे झुलस गए थे। प्राथमिक इलाज के बाद सभी को बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। सप्ताह भर बाद इनमें से तीन बच्चों की मौत हो गई। हालत में सुधार होने पर दस बच्चों को डिस्चार्ज किया जा चुका है, जबकि छह अन्य बच्चों की हालत धीरे-धीरे सुधर रही है। अभिभावकों के मुताबिक, चिकित्सकों ने बच्चों के पूरी तरह से ठीक होने में दो से तीन महीने का समय लगने की बात कही है। उधर, बच्चों के इलाज को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के बाद 29 जनवरी की शाम बच्चों को जनरल सर्जरी वार्ड से प्लास्टिक सर्जरी वार्ड के सेमी प्राइवेट कक्ष में शिफ्ट किया गया है। इलाज को लेकर भी विशेष सावधानी बरती जा रही है।
विज्ञापन