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चार साल से नहीं मिली आठ हजार छात्राओं की डिग्री
Updated Thu, 12 Jul 2018 02:32 AM IST
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वाराणसी। अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज की आठ हजार छात्राओं की डिग्रियाें पर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ प्रशासन ने रोक लगा दी है। चार साल से कॉलेज की स्वायत्तता विस्तारण पर फैसला न होने के कारण हुए इस निर्णय से छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। मामले को लेकर कॉलेज प्रबंधन और विश्वविद्यालय के बीच लंबे समय से हो रहे पत्राचार से भी छात्राओं को राहत नहीं मिल पाई है।
अग्रसेन कॉलेज की ओर से बुलानाला और परमानंदपुर परिसर में स्नातक, स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में हर साल करीब तीन हजार छात्राओं का दाखिला होता है। स्नातक-स्नातकोत्तर कर हर साल औसतन दो हजार छात्राएं पास होती हैं। स्वायतशासी कॉलेज होने की वजह से प्रवेश और परीक्षा की जिम्मेदारी कॉलेज प्रबंधन की होती है लेकिन डिग्री काशी विद्यापीठ देता है। कॉलेज 2013 तक स्वायत्तत था, इसलिए छात्राओं को डिग्री मिलती रही। इसके बाद तत्कालीन प्रबंधन द्वारा स्वायत्तता विस्तारण न कराने से 2014 से 2018 के बीच पास होने वाली छात्राओं की डिग्री देने से विश्वविद्यालय ने मना कर दिया।
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अग्रसेन कॉलेज की ओर से बुलानाला और परमानंदपुर परिसर में स्नातक, स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में हर साल करीब तीन हजार छात्राओं का दाखिला होता है। स्नातक-स्नातकोत्तर कर हर साल औसतन दो हजार छात्राएं पास होती हैं। स्वायतशासी कॉलेज होने की वजह से प्रवेश और परीक्षा की जिम्मेदारी कॉलेज प्रबंधन की होती है लेकिन डिग्री काशी विद्यापीठ देता है। कॉलेज 2013 तक स्वायत्तत था, इसलिए छात्राओं को डिग्री मिलती रही। इसके बाद तत्कालीन प्रबंधन द्वारा स्वायत्तता विस्तारण न कराने से 2014 से 2018 के बीच पास होने वाली छात्राओं की डिग्री देने से विश्वविद्यालय ने मना कर दिया।
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