{"_id":"5a74bf364f1c1bb3208b6f7d","slug":"81517600566-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं थमा लेखपालों और वकीलों का विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं थमा लेखपालों और वकीलों का विवाद
Updated Sat, 03 Feb 2018 01:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भदोही। तहसील में लेखपालों और अधिवक्ताओं के बीच उठे विवाद को लेकर शुक्रवार को दिन भर तहसील में गहमागहमी रही। लेखपालों ने जहां धरना देकर कार्य में अधिवक्ताओं के हस्तक्षेप से छुटकारा दिलाने की मांग की, वहीं अधिवक्ताओं ने लेखपालों के रवैये के विरोध में न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। दोनों पक्षों ने कोतवाली में तहरीर देकर एक दूसरे के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। हलांकि देर शाम तक पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया था।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को दत्तीपुर में वरासत के एक मामले को लेकर लेखपाल पर हीलाहवाली के आरोपों के बाद लेखपाल और अधिवक्ता आमने सामने हो गए थे। कल तहसीलदार रामजी और पुलिस के हस्तक्षेप से किसी तरह मामला शांत तो हुआ लेकिन शुक्रवार की सुबह एक बार वहीं से मामला शुरू हुआ जहां कल शाम खत्म हुआ था। लेखपालों ने सुबह 10 बजे से तहसील में पहुंच कर धरना शुरू कर दिया। वरिष्ठ अधिकारियों से उनकी मांग थी कि हम अपने अधिकारियों के प्रति जवाबदेह हैं। अधिवक्ताओ को नहीं, उनके हस्तक्षेप से हम लोगों को बचाया जाए। लेखपालों के धरना प्रदर्शन की खबर सुनते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता भी वहां पहुंच गए। दोनों ओर से काफी देर तक नारेबाजी हुई। सूचना पाकर कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार पांडेय मौके पर पहुंच गए और वहां तब तक बैठे रहे जब तक धरना और नारेबाजी चलती रही।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि कल शाम ही दोनों पक्षों ने तहरीर दी थी।
जिस पर छानबीन की जा रही है। लेखपालों के धरना और अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार से वादकारियों को भारी दिक्कत हुई। लोग तहसील तो पहुंचे, लेकिन उनका काम नहीं हुआ। विवाद के चलते दिन भर तहसील में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को दत्तीपुर में वरासत के एक मामले को लेकर लेखपाल पर हीलाहवाली के आरोपों के बाद लेखपाल और अधिवक्ता आमने सामने हो गए थे। कल तहसीलदार रामजी और पुलिस के हस्तक्षेप से किसी तरह मामला शांत तो हुआ लेकिन शुक्रवार की सुबह एक बार वहीं से मामला शुरू हुआ जहां कल शाम खत्म हुआ था। लेखपालों ने सुबह 10 बजे से तहसील में पहुंच कर धरना शुरू कर दिया। वरिष्ठ अधिकारियों से उनकी मांग थी कि हम अपने अधिकारियों के प्रति जवाबदेह हैं। अधिवक्ताओ को नहीं, उनके हस्तक्षेप से हम लोगों को बचाया जाए। लेखपालों के धरना प्रदर्शन की खबर सुनते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता भी वहां पहुंच गए। दोनों ओर से काफी देर तक नारेबाजी हुई। सूचना पाकर कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार पांडेय मौके पर पहुंच गए और वहां तब तक बैठे रहे जब तक धरना और नारेबाजी चलती रही।
विज्ञापन
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि कल शाम ही दोनों पक्षों ने तहरीर दी थी।
जिस पर छानबीन की जा रही है। लेखपालों के धरना और अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार से वादकारियों को भारी दिक्कत हुई। लोग तहसील तो पहुंचे, लेकिन उनका काम नहीं हुआ। विवाद के चलते दिन भर तहसील में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
विज्ञापन