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रंग लाई होप की मुहिम, ‘प्रसाद’ से संवरेगा रामेश्वर मंदिर
Updated Tue, 09 Jan 2018 02:17 AM IST
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वाराणसी। होप वेलफेयर ट्रस्ट के युवाओं की एक और मुहिम रंग लाई है। विलेज टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होप द्वारा चयनित गांवों में से पांच की सूरत जल्द ही बदलने वाली है। पंचक्रोशी यात्रा के तीसरे पड़ाव के रूप में प्रसिद्ध रामेश्वर मंदिर ‘प्रसाद’ योजना के तहत संवरेगा। मंदिर से सटे घाट को पर्यटन के लिहाज से संवारा जाएगा। चुनार में लाइट एंड साउंड शो के जरिये पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी है। फूलों के गांव दीनापुर और धन्नीपुर की खुशबू भी पर्यटक अपने जहन में बसाएं, इसे लेकर भी पर्यटन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
पूर्वांचल के गांवों को विलेज टूरिज्म से जोड़ने के उद्देश्य से होप वेलफेयर ट्रस्ट के युवाआें ने सात गांवों का चयन किया है। इसमें बलिया का नगवां, गोरखपुर का औरंगाबाद, चुनार के दरगाह शरीफ मार्ग पर बसे गांव के अलावा बनारस के चार गांव रामेश्वर, दीनापुर, धन्नीपुर और चिरईगांव शामिल हैं। सभी गांवों की अपनी विशिष्टता है। इन गांवों में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होप ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपने के साथ ही पीएम व इंक्रडिबल इंडिया को ट्वीट किया। होप के दिव्यांशु उपाध्याय के ट्वीट पर पर्यटन के महानिदेशक ने इन गांवों को संज्ञान में लेते हुए संयुक्त निदेशक को आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा था।
इसके मद्देनजर पर्यटन विभाग ने अब रामेश्वर गांव जो कि पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग का महत्वपूर्ण स्थल है, उसे प्रसाद योजना से संवारने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रसाद योजना के तहत यहां के डेढ़ हजार साल पुराने मंदिर का पुनरुद्धार किया जाएगा। देसी विदेशी पर्यटकों के लिहाज से पेयजल, शौचालय, प्रकाश की व्यवस्था होगी। मंदिर तक जाने वाला मार्ग सुव्यवस्थित किया जाएगा। इसी क्रम में दीनापुर, धन्नीपुर और चिरईगांव में पर्यटक जाएं, इसके लिए टूर ऑपरेटर्स, ट्रेवल एजेंट, गाइड को प्रेरित किया जाएगा। वहीं चुनार में पर्यटन बढ़ाने के उद्देश्य से वहां लाइट एंड साउंड शो का भी प्रस्ताव पर्यटन विभाग ने तैयार किया है। होप के नेतृत्वकर्ता रवि मिश्रा ने बताया कि पर्यटन विभाग की इस पहल से पर्यटकों को गांव से जोड़ने की हमारी मुहिम को गति मिलेगी।
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पूर्वांचल के गांवों को विलेज टूरिज्म से जोड़ने के उद्देश्य से होप वेलफेयर ट्रस्ट के युवाआें ने सात गांवों का चयन किया है। इसमें बलिया का नगवां, गोरखपुर का औरंगाबाद, चुनार के दरगाह शरीफ मार्ग पर बसे गांव के अलावा बनारस के चार गांव रामेश्वर, दीनापुर, धन्नीपुर और चिरईगांव शामिल हैं। सभी गांवों की अपनी विशिष्टता है। इन गांवों में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होप ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपने के साथ ही पीएम व इंक्रडिबल इंडिया को ट्वीट किया। होप के दिव्यांशु उपाध्याय के ट्वीट पर पर्यटन के महानिदेशक ने इन गांवों को संज्ञान में लेते हुए संयुक्त निदेशक को आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा था।
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इसके मद्देनजर पर्यटन विभाग ने अब रामेश्वर गांव जो कि पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग का महत्वपूर्ण स्थल है, उसे प्रसाद योजना से संवारने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रसाद योजना के तहत यहां के डेढ़ हजार साल पुराने मंदिर का पुनरुद्धार किया जाएगा। देसी विदेशी पर्यटकों के लिहाज से पेयजल, शौचालय, प्रकाश की व्यवस्था होगी। मंदिर तक जाने वाला मार्ग सुव्यवस्थित किया जाएगा। इसी क्रम में दीनापुर, धन्नीपुर और चिरईगांव में पर्यटक जाएं, इसके लिए टूर ऑपरेटर्स, ट्रेवल एजेंट, गाइड को प्रेरित किया जाएगा। वहीं चुनार में पर्यटन बढ़ाने के उद्देश्य से वहां लाइट एंड साउंड शो का भी प्रस्ताव पर्यटन विभाग ने तैयार किया है। होप के नेतृत्वकर्ता रवि मिश्रा ने बताया कि पर्यटन विभाग की इस पहल से पर्यटकों को गांव से जोड़ने की हमारी मुहिम को गति मिलेगी।
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