फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   बच्चों की पढ़ाई में माध्यम बनेंगी रोचक कहानियां

बच्चों की पढ़ाई में माध्यम बनेंगी रोचक कहानियां

Thu, 07 Dec 2017 01:57 AM IST
Updated Thu, 07 Dec 2017 01:57 AM IST
विज्ञापन
बच्चों की पढ़ाई में माध्यम बनेंगी रोचक कहानियां
वाराणसी। केंद्रीय विद्यालय के बच्चों को अब किताबी ज्ञान के साथ-साथ अलग-अलग प्रेरक कहानियों के माध्यम से भी पढ़ाया जाएगा। समय-समय पर पाठयक्रमों में हो रहे बदलाव की वजह से दबाव कम करने और बच्चों के व्यक्तित्व विकास के उद्देश्य से ही यह फैसला लिया गया है। इसके लिए बुधवार से तीन दिवसीय कार्यशाला की शुरूआत हो गई। कार्यशाला में बनारस और आसपास के जिलों से आए शिक्षकों ने अलग-अलग कहानियां बताई।
विज्ञापन

पद्मभूषण अमृतलाल नागर के जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से चल रही कथा वाचन कार्यशाला के पहले दिन उपायुक्त केंद्रीय विद्यालय संगठन डीटीएस राव ने कहा कि कहानियां जीवन की मुख्य धरोहर होती है। कोई भी शिक्षक कहानियों के माध्यम से विषय वस्तु को रुचिकर बनाकर सहज ढंग से उसका प्रभाव छात्रों के मस्तिष्क पर छोड़ सकता है। संचित स्मृतिन्यास की संरक्षिका शिक्षाविद डॉ. दीक्षानागर ने कहा कि शिक्षा के बदलते पाठयक्रम से बच्चे ऊबने लगे हैं। कहानी के माध्यम से पढ़ाई एक ऐसी कला है जो बच्चों के व्यक्तित्व विकास के साथ ही मनोवैज्ञानिक रुप से सहायक होती है। विद्यालय की प्राचार्या डॉ. पूनम सिंह ने इस तरह की कार्यशालाओं को बच्चों के विकास के लिए जरूरी बताया। कार्यक्रम में मीनाक्षी जैन, विभा नागर, ललित सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed