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समाज के सच को बता गई रेंगती परछाइयां
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वाराणसी। सेतु सांस्कृतिक केंद्र के 16 वें राष्ट्रीय नाट्य आंदोलन का समापन बुधवार को लिटिल थिस्पियन कोलकाता की नाट्य प्रस्तुति रेंगती परछाइयां के साथ हुआ। इस नाटक ने समाज के सच को मंच पर लाने का साहस किया, जिसे देख हर कोई आश्चर्य सकित रह गया।
उमा झुनझुनवाला द्वारा लिखित और अभिनीत इस नाटक का निर्देशन में प्रसिद्ध रंगकर्मी अजहर आलम ने किया है। नाटक में एक विधवा महिला की तीन बेटियां है। परवरिश के लिए उसने एक अंधे व्यक्ति से शादी कर लिया। मां नही चाहती थी कि बेटियां अपने धर्म को मानें और इसमें ही रहें। उधर बेटियों का संबंध सौतेले बाप से हो गया। यह जानकारी जब महिला को मिली तो उसने विरोध कर दिया। तब पति ने कहा कि तुमने बेटियों को बेटी नहीं माने तुम चरित्रहीन हो। इस पर पति ने कहा कि मैं तो अंधा हूं मुझे क्या मालूम की तुम्हारी जगह बेटिंया मेरे पास है। इस पर महिला ने पति की हत्या कर दी। समाज के इस चरित्र को जानकर सभी दर्शक स्तब्ध रह गए। नाटक से पूर्व समापन समारोह में उमा झुनझुनवाला को सेतु नाट्य शिरोमणि सम्मान और रांची से आई रंगकर्मी रीना सहाय को सेतु राष्ट्रीय नाट्य सम्मान प्रदान किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. आनंद वर्धन शर्मा और विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर याकूब यावर थे। अध्यक्षता डॉ जितेंद्र नाथ मिश्र ने की। स्वागत विजय प्रकाश ने किया। इस अवसर पर क्षेत्र के कलाकारों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इनमें अरविंद मिश्रा, प्रियंका मेहरोत्रा, काशिका वर्मा, चित्रा वर्मा, राजलक्ष्मी मिश्रा, राकेश वर्धन आदि सम्मिलित रहे। अतिथियों का स्वागत सलीम राजा और संचालन प्रतिमा सिन्हा ने किया।
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उमा झुनझुनवाला द्वारा लिखित और अभिनीत इस नाटक का निर्देशन में प्रसिद्ध रंगकर्मी अजहर आलम ने किया है। नाटक में एक विधवा महिला की तीन बेटियां है। परवरिश के लिए उसने एक अंधे व्यक्ति से शादी कर लिया। मां नही चाहती थी कि बेटियां अपने धर्म को मानें और इसमें ही रहें। उधर बेटियों का संबंध सौतेले बाप से हो गया। यह जानकारी जब महिला को मिली तो उसने विरोध कर दिया। तब पति ने कहा कि तुमने बेटियों को बेटी नहीं माने तुम चरित्रहीन हो। इस पर पति ने कहा कि मैं तो अंधा हूं मुझे क्या मालूम की तुम्हारी जगह बेटिंया मेरे पास है। इस पर महिला ने पति की हत्या कर दी। समाज के इस चरित्र को जानकर सभी दर्शक स्तब्ध रह गए। नाटक से पूर्व समापन समारोह में उमा झुनझुनवाला को सेतु नाट्य शिरोमणि सम्मान और रांची से आई रंगकर्मी रीना सहाय को सेतु राष्ट्रीय नाट्य सम्मान प्रदान किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. आनंद वर्धन शर्मा और विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर याकूब यावर थे। अध्यक्षता डॉ जितेंद्र नाथ मिश्र ने की। स्वागत विजय प्रकाश ने किया। इस अवसर पर क्षेत्र के कलाकारों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इनमें अरविंद मिश्रा, प्रियंका मेहरोत्रा, काशिका वर्मा, चित्रा वर्मा, राजलक्ष्मी मिश्रा, राकेश वर्धन आदि सम्मिलित रहे। अतिथियों का स्वागत सलीम राजा और संचालन प्रतिमा सिन्हा ने किया।
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