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राम मंत्र लेकर शुरू हुआ पुजारी बनने प्रशिक्षण
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वाराणसी। देश से छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों को मिटाने के उद्देश्य से पातालपुरी मठ में सभी जाति के लोगों को पुजारी बनाने की पहल शुरू हो गई। राम नाम मंत्र की दीक्षा के साथ महाशिवरात्रि पर विशेष संयोग में 60 लोगों ने प्रशिक्षण का संकल्प लिया। इसमें चंदौली, घोरावल, भदोही, गोरखपुर तथा वाराणसी के आसपास के लोग शामिल हुए। दीक्षा व पूजन के उपरांत इन सभी लोगों के प्रशिक्षण की शुरूआत हो गई।
पातालपुरी मठ में महाशिवरात्रि से जातिगत भेदभाव मिटाने और सनातन संस्कृति की जड़ें मजबूत करने के लिए वैदिक विद्वानों द्वारा धर्माधिकारी बनने के प्रशिक्षण की शुरूआत हुई। पातालपुरी मठ के महंत स्वामी बालक दास ने बताया कि राम मंत्र देकर प्रशिक्षण की शुरूआत की गई है। यह प्रशिक्षण तीन महीने तक दिया जाएगा। इसके तहत धर्माधिकारी का प्रशिक्षण लेने वालों को राम स्तुति, श्रीकृष्ण स्तुति, हनुमान चालीसा पाठ, पूजा विधि का प्रशिक्षण वैदिक विद्वानाें द्वारा दिया जाएगा। काशी से शुरू होकर इस अभियान को पूरे देश में चलाने की तैयारी है। धर्माधिकारी बनने के लिए आवेदन करने वालों के सामने यह शर्त रखी गई है कि वह सनातन धर्म का पालन करेंगे। मांस-मदिरा से दूर रहने के साथ ही स्वच्छता पर भी ध्यान देंगे।
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पातालपुरी मठ में महाशिवरात्रि से जातिगत भेदभाव मिटाने और सनातन संस्कृति की जड़ें मजबूत करने के लिए वैदिक विद्वानों द्वारा धर्माधिकारी बनने के प्रशिक्षण की शुरूआत हुई। पातालपुरी मठ के महंत स्वामी बालक दास ने बताया कि राम मंत्र देकर प्रशिक्षण की शुरूआत की गई है। यह प्रशिक्षण तीन महीने तक दिया जाएगा। इसके तहत धर्माधिकारी का प्रशिक्षण लेने वालों को राम स्तुति, श्रीकृष्ण स्तुति, हनुमान चालीसा पाठ, पूजा विधि का प्रशिक्षण वैदिक विद्वानाें द्वारा दिया जाएगा। काशी से शुरू होकर इस अभियान को पूरे देश में चलाने की तैयारी है। धर्माधिकारी बनने के लिए आवेदन करने वालों के सामने यह शर्त रखी गई है कि वह सनातन धर्म का पालन करेंगे। मांस-मदिरा से दूर रहने के साथ ही स्वच्छता पर भी ध्यान देंगे।
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