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सौर ऊर्जा और कचरा प्रबंधन पर वैश्विक स्तर पर काम होगा

Wed, 23 Jan 2019 02:02 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jan 2019 02:02 AM IST
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सौर ऊर्जा और कचरा प्रबंधन पर वैश्विक स्तर पर काम होगा
वाराणसी। आने वाले दिनों में भारत सौर ऊर्जा के अधिक से अधिक इस्तेमाल को बढ़ावा देगा। साथ ही कचरा प्रबंधन के लिए वैश्विक स्तर पर काम करेगा। भारतवंशियों ने पीएम नरेंद्र मोदी को इस मिशन में तकनीक के आदान-प्रदान के साथ आर्थिक सहयोग का भी भरोसा दिलाया है।
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प्रवासी भारतीय सम्मेलन के तहत मंगलवार को दीनदयाल हस्तकला संकुल में सौर ऊर्जा और कचरा प्रबंधन पर आयोजित दो सत्रों में सौर ऊर्जा संरक्षण एवं कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मिलकर काम करने पर सहमति बनी।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने कहा कि देश में ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में काफी काम हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर पंप से किसान सिंचाई कर रहे हैं तो छोटे दुकानदार एलईडी का इस्तेमाल कर रहे हैं। सौर ऊर्जा के संरक्षण पर विश्वविद्यालयों में शोध कार्य चल रहे हैं। उन्होंने प्रवासियों से अपील की कि वे स्टार्टअप योजना के तहत प्रोजेक्ट लेकर अकेले आ सकते हैँ या फिर भारत के साथ मिलकर ज्वाइंट वेंचर में काम कर सकते हैं। भारत हर पहलू पर मिलकर काम करने को तैयार है।
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पहले सत्र में दस विशेषज्ञों में शामिल अमेरिका के प्रो. राकेश अग्रवाल, ब्रिटेन के डॉ. सुधागर, आनंद प्रकाश एवं प्रो. हरि उपाध्याय ने कहा कि सौर ऊर्जा संरक्षण के लिए भवन निर्माण के बायलाज में परिवर्तन की जरूरत है। सोलर पावर रीजनल सेंटर खोलने और लोगों को प्रशिक्षित करने पर बल दिया। साथ ही इसे पाठ्यक्रम में भी शामिल करने के सुझाव दिए, ताकि ऐसे मकानों का निर्माण हो जहां छतों पर सोलर प्लांट लगाए जा सकें। इस मौके पर विक्रम कैलाश, डॉ. राहुल, मनोज उपाध्याय मौजूद रहे।
दूसरे सत्र में कचरा प्रबंधन पर मंथन हुआ। कचरा प्रबंधन एवं गंगा स्वच्छता के क्षेत्र में हुए अब तक के कार्यों को विदेश राज्यमंत्री ने बताया। कहा कि कचरा प्रबंधन के लिए देश के नगर निगमों, नगर पालिकाओं के माध्यम से बायो प्लांट, कचरा निस्तारण प्लांट एवं जगह-जगह छोटे-छोटे प्लांट लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही नेशनल मिशन फार क्लीन गंगा के तहत नमामि गंगे योजना में गंगा निर्मलीकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसमें और बेहतर करने के लिए प्रवासी नई तकनीक लेकर आगे आएं। त्रिवेणी संस्था के माध्यम से देश में मथुरा में सबसे बड़ा सीवेज प्लांट लगाया गया है। सत्र में संचिता गजपति राजू, श्रीहरि प्रकाश, पी विनीशा, विनोद सिंह, हरवंश लाल, परेश पारेख और बाल चंद्रन नैयर मौजूद रहे।
दिल्ली से फारुखनगर तक सोलर ट्रेन का प्रयोग शुरू
पहले सत्र में शामिल न्यू एंड रिनेवल एनर्जी के संयुक्त सचिव गोपाल क़ृष्ण गुप्ता ने कहा कि सौर ऊर्जा सरंक्षण के क्षेत्र में काम शुरू हो गया है। दिल्ली से गुरुग्राम (हरियाणा) के फारुखनगर तक प्रयोग के तौर पर सोलर ट्रेन चलाई जा रही है। ट्रेन की छत पर सोलर पैनल लगाए गए हैं। इससे लाइट और पंखे अभी चलाए जा रहे हैँ। इसे और अत्याधुनिक तरीके से विकसित करने की तकनीक पर काम हो रहा है। वहीं रेलवे ने भी योजना बनानी शुरू कर दी है। पहले चरण में सोलर पैनल के 50 कोच के निर्माण कराए जा रहें है। अब इनकी संख्या बढ़ाकर करीब 200 कोच कर दी गई है।
कुंभ दर्शन को प्रयागराज जाएंगे 3000 प्रवासी
प्रवासी भारतीय सम्मेलन में आए भारतवंशियों को काशी दर्शन के बाद प्रयागराज कुंभ का भी दर्शन कराया जाएगा। बड़ा लालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल में विदेश मंत्रालय के सचिव ज्ञानेश्वर एम मूले ने बताया कि प्रवासी तीर्थ दर्शन के तहत काशी में आए मेहमानों को कुंभ दर्शन कराए जाएंगे। तीन हजार का पंजीकरण हो चुका है। इसमें 200-300 प्रवासी और बढ़ सकते हैं। इसके लिए सौ लग्जरी बसों की व्यवस्था की गई है।
मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बातचीत में मूले ने बताया कि प्रवासी भारतीय दिवस के लिए दुनिया के 92 देशों के 7228 लोगों ने पंजीकरण कराया था। कुंभ दर्शन के साथ ही मेहमानों के लिए प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना भी शुरू की जा रही है। योजना में 25 दिन की धार्मिक यात्रा भारत को जानो के तहत भ्रमण कराया जाएगा। इसके लिए 200 प्रतिभागी तैयार हैं, जो ट्रेन के जरिए भारत के विभिन्न धार्मिक स्थलों का भ्रमण करेंगे।

बताया कि इस योजना में सभी धर्मोँ के अनुयाइयों का ध्यान रखा गया है। काशी, कांची, मथुरा, हरिद्वार, अजमेर शरीफ, अमृतसर सहित प्रमुख स्थलों को जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि प्रवासियों से अपील की गई है कि वे यहां से वतन लौट कर कम से कम पांच परिवारों को भारत आने के लिए प्रेरित करें।
बताया कि देश में पहले 77 ई-पासपोर्ट केंद्र थे। अब 290 हो गए हैं। आगे ई-पासपोर्ट केंद्र प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में खोलने की तैयारी है।
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