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मौसमी बीमारियों ने पसारे पांव, मरीज बढ़े
Updated Fri, 13 Apr 2018 01:16 AM IST
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ज्ञानपुर। मौसम का रुख बदलते ही संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। डायरिया के मरीजों से अस्पताल भरने लगे हैं। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में डायरिया के मरीज पहुंचे। ओपीडी में सुबह से लेकर दोपहर तक भारी भीड़ रही। निजी अस्पतालों और दवा की दुकानों पर भी मरीजों की भीड़ देखी गई।
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों से भर गई थी। ओपीडी में 1175 मरीजों ने पर्चियां कटवाईं। जबकि इमर्जेंसी में 38 मरीज भर्ती कराए गए। ज्यांदातर मरीज डायरिया और उल्टी-दस्त आदि के रहे। चिकित्सकों ने कहा कि बदलते मौसम में डायरिया का खतरा बढ़ रहा है। इसमें सकर्त रहने की जरूरत है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की इमर्जेंसी में भिदिउरा निवासी राजकुमार (30), कांवल के जयशंकर (55), दुलहीपुर के राम अधार (43), गोपीगंज की मनोरमा (35) समेत 38 लोग भर्ती कराए गए। सभी को ग्लूकोज की बोतलें चढ़ाई गईं। चिकित्सक डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि इस मौसम में तापमान का उतार-चढ़ाव घातक साबित हो रहा है। साथ ही गर्मी बढ़ने से संक्रामक बीमारियों के जल्द गिरफ्त में लेने का खतरा रहता है। ऐसे में पीने का पानी का खास ध्यान रखा जाना चाहिए। कई दस्त हो तो नीबू, पानी, चीनी, नमक का घोले लेना चाहिए। सुधार न हो तो चिकित्सक से तुरंत सलाह लें।
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बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों से भर गई थी। ओपीडी में 1175 मरीजों ने पर्चियां कटवाईं। जबकि इमर्जेंसी में 38 मरीज भर्ती कराए गए। ज्यांदातर मरीज डायरिया और उल्टी-दस्त आदि के रहे। चिकित्सकों ने कहा कि बदलते मौसम में डायरिया का खतरा बढ़ रहा है। इसमें सकर्त रहने की जरूरत है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की इमर्जेंसी में भिदिउरा निवासी राजकुमार (30), कांवल के जयशंकर (55), दुलहीपुर के राम अधार (43), गोपीगंज की मनोरमा (35) समेत 38 लोग भर्ती कराए गए। सभी को ग्लूकोज की बोतलें चढ़ाई गईं। चिकित्सक डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि इस मौसम में तापमान का उतार-चढ़ाव घातक साबित हो रहा है। साथ ही गर्मी बढ़ने से संक्रामक बीमारियों के जल्द गिरफ्त में लेने का खतरा रहता है। ऐसे में पीने का पानी का खास ध्यान रखा जाना चाहिए। कई दस्त हो तो नीबू, पानी, चीनी, नमक का घोले लेना चाहिए। सुधार न हो तो चिकित्सक से तुरंत सलाह लें।
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