{"_id":"5c67279dbdec22736b5ea951","slug":"61550264221-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"19 तक मौसम में सुधार के आसार नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
19 तक मौसम में सुधार के आसार नहीं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। मौसम में आए बदलाव से गुरुवार रात से ही बनारस और आसपास के इलाकों में शुरू हुआ हल्की बूंदाबांदी का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। इससे सर्दी बढ़ गई है। दिन भर आसमान में बादल छाए रहने के साथ ही हवाएं भी चलती रहीं। सुबह से लेकर देर रात तक बूंदाबांदी होती रही। मौसम विज्ञानियों की मानें तो मौसम का यह मिजाज 19 फरवरी तक बना रहेगा। गेहूं की फसल के लिए यह बरसात लाभदायी है तो सब्जी की फसल को नुकसान पहुंच सकता है।
बीएचयू के मौसम विज्ञानी एसएन पांडेय के अनुसार पहाड़ों पर बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मौसम बदल रहा है। शनिवार को मौसम साफ रहने के आसार हैं। धूप भी निकलेगी लेकिन 17 फरवरी को फिर से जम्मू कश्मीर के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ का एक ओर झटका आएगा। इसका असर समूचे उत्तर भारत पर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि इस पश्चिमी विक्षोभ के असर से वाराणसी सहित अन्य मैदानी इलाकों में 18 और 19 फरवरी को मौसम फिर से बिगड़ेगा। बादल छाए रहेंगे, ठंडी हवाएं भी चलेंगी। कहीं-कहीं हल्की या तेज बारिश भी हो सकती है। बताया कि माघ पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं को फिर से शीतलहर का प्रकोप झेलना पड़ेगा।
मौसम में आए बदलाव लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के कई इलाकों में जलजमाव के कारण लोगों को सीवर की समस्या से दो चार होना पड़ा। बदलते मौसम के मिजाज का असर सेहत पर भी पड़ रहा है। कभी बारिश तो फिर तेज धूप और ठंडी हवा और फिर तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण मौसमी बीमारियों का भी खतरा बढ़ गया है। गुरुवार की देर रात से हो रही बरसात के कारण कोनिया, लाटसरैयां, बजरडीहा, पितरकुंडा, सिगरा सहित कई इलाकों में जलजमाव और कीचड़ की समस्या आम लोगों को झेलनी पड़ी। वहीं दूसरी तरफ अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी, खांसी और बुखार के मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। इसमें बच्चों की संख्या अधिक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीएचयू के मौसम विज्ञानी एसएन पांडेय के अनुसार पहाड़ों पर बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मौसम बदल रहा है। शनिवार को मौसम साफ रहने के आसार हैं। धूप भी निकलेगी लेकिन 17 फरवरी को फिर से जम्मू कश्मीर के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ का एक ओर झटका आएगा। इसका असर समूचे उत्तर भारत पर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि इस पश्चिमी विक्षोभ के असर से वाराणसी सहित अन्य मैदानी इलाकों में 18 और 19 फरवरी को मौसम फिर से बिगड़ेगा। बादल छाए रहेंगे, ठंडी हवाएं भी चलेंगी। कहीं-कहीं हल्की या तेज बारिश भी हो सकती है। बताया कि माघ पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं को फिर से शीतलहर का प्रकोप झेलना पड़ेगा।
विज्ञापन
मौसम में आए बदलाव लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के कई इलाकों में जलजमाव के कारण लोगों को सीवर की समस्या से दो चार होना पड़ा। बदलते मौसम के मिजाज का असर सेहत पर भी पड़ रहा है। कभी बारिश तो फिर तेज धूप और ठंडी हवा और फिर तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण मौसमी बीमारियों का भी खतरा बढ़ गया है। गुरुवार की देर रात से हो रही बरसात के कारण कोनिया, लाटसरैयां, बजरडीहा, पितरकुंडा, सिगरा सहित कई इलाकों में जलजमाव और कीचड़ की समस्या आम लोगों को झेलनी पड़ी। वहीं दूसरी तरफ अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी, खांसी और बुखार के मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। इसमें बच्चों की संख्या अधिक है।
विज्ञापन