{"_id":"5c6087babdec2253a33c577f","slug":"61549830074-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांस्कृतिक, तकनीकी उत्सव का देखा वीडियो, साझा की पुरानी यादें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांस्कृतिक, तकनीकी उत्सव का देखा वीडियो, साझा की पुरानी यादें
विज्ञापन
वाराणसी। आईआईटी बीएचयू में चल रहे चार दिवसीय ग्लोबल एल्युमनाई मीट के दूसरे दिन पुरातन छात्रों ने संस्थान में साल भर चलने वाले सांस्कृतिक, तकनीकी उत्सवों के साथ ही संस्थान की उपलब्धियों पर तैयार वीडियो देखा। परिवार संग काशीयात्रा, टेक्नेक्स, स्पर्धा से जुड़े वीडियो को देखने के बाद मंच से अपने कॉलेज के दिनों की यादें भी साझा की। छात्रों संग संवाद में स्टार्टअप, कौशल विकास और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया।
स्वतंत्रता भवन में चल रहे समारोह में सबसे पहले 1969 बैच के पुरातन छात्रों को 50 साल (गोल्डन जुबली) पूरा करने पर उत्तरीय पहनाकर सम्मानित किया गया। इसके बाद कॉलेज के दिनों की याद ताजा कराने के उद्दश्ेय से कैंपस वीडियो चलाकर अलग-अलग विभागों के बारे में बताया गया। दूसरे सत्र में नॉलेज कांक्लेव में छात्रों के साथ बातचीत में भी अपने अनुभवों को पुरातन छात्रों ने साझा किया। 1967 बैच के डॉ. एनसी जैन ने बताया कि वह अलग-अलग छात्रवृत्तियाें के रूप में एक लाख डॉलर अब तक दे चुके हैं। उन्होंने छात्रों को कठिन परिश्रम करते हुए लक्ष्य की ओर बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया। मोहन कुमार ने स्टार्ट अप का महत्व बताते हुए कहा कि यदि अच्छे विचार हैं तो उसका बेहतर परिणाम भी मिलता है। पैनल डिस्कशन में सिस्को के वीपी विश्वनाथन अय्यर, जनरल मोटर्स के विश नारायणन, काज वेंचर्स के बीवी जगदीश, इलेनॉइस यूनिवर्सिटी के प्रो. शिव गोपाल कपूर आदि ने अगले 100 वर्ष में आईआईटी बीएचयू की भूमिका पर चर्चा करते हुए वर्तमान समय में हर विभाग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग को जरूरी बताया।
विज्ञापन
स्वतंत्रता भवन में चल रहे समारोह में सबसे पहले 1969 बैच के पुरातन छात्रों को 50 साल (गोल्डन जुबली) पूरा करने पर उत्तरीय पहनाकर सम्मानित किया गया। इसके बाद कॉलेज के दिनों की याद ताजा कराने के उद्दश्ेय से कैंपस वीडियो चलाकर अलग-अलग विभागों के बारे में बताया गया। दूसरे सत्र में नॉलेज कांक्लेव में छात्रों के साथ बातचीत में भी अपने अनुभवों को पुरातन छात्रों ने साझा किया। 1967 बैच के डॉ. एनसी जैन ने बताया कि वह अलग-अलग छात्रवृत्तियाें के रूप में एक लाख डॉलर अब तक दे चुके हैं। उन्होंने छात्रों को कठिन परिश्रम करते हुए लक्ष्य की ओर बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया। मोहन कुमार ने स्टार्ट अप का महत्व बताते हुए कहा कि यदि अच्छे विचार हैं तो उसका बेहतर परिणाम भी मिलता है। पैनल डिस्कशन में सिस्को के वीपी विश्वनाथन अय्यर, जनरल मोटर्स के विश नारायणन, काज वेंचर्स के बीवी जगदीश, इलेनॉइस यूनिवर्सिटी के प्रो. शिव गोपाल कपूर आदि ने अगले 100 वर्ष में आईआईटी बीएचयू की भूमिका पर चर्चा करते हुए वर्तमान समय में हर विभाग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग को जरूरी बताया।
विज्ञापन