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चेतावनी लेबल से आठ सेमी नीचे ठहरी गंगा
Updated Thu, 13 Sep 2018 02:16 AM IST
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वाराणसी। कई दिनों से खतरे के निशान की ओर लगातार बढ़ रही गंगा चेतावनी लेबल से आठ सेंटीमीटर नीचे ठहर गई। बुधवार को गंगा स्थिर होने से बाढ़ का खतरा फिलहाल टल गया है। हालांकि तटवर्ती इलाके के लोगों में दहशत बनी हुई है। जिन इलाकों में पानी भरा है, वहां के लोग परेशानी का सामना कर रहे हैं। गंगा का पानी नगर निगम के करसड़ा कचरा प्लांट तक पहुंच गया है।
कई दिनों से लगातार बढ़ रही गंगा का जलस्तर बुधवार को सुबह चार बजे भोर से ही चेतावनी लेबल 70.26 मीटर से आठ सेमी नीचे 70.18 मीटर पर आकर रुक गया। इससे फिलहाल बाढ़ का खतरा तो टल गया है, लेकिन तटवर्तीय इलाकों के लोगों में अभी भी बाढ़ को लेकर दहशत बनी हुई है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार इलाहाबाद में जलस्तर कम होने लगा है। इससे गुरुवार से यहां भी जलस्तर कम होना शुरू हो जाएगा। बुधवार को सुबह चार बजे गंगा चेतावनी लेबल से 8 सेंटीमीटर नीचे 70.18 मीटर पर आकर ठहर गई। राजघाट पर बना चेतावनी स्तर 70.26 मीटर पर है।
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कालोनियों में पानी भरने से सामनेघाट इलाके में रहने वाले लोगों की जिंदगी नारकीय हो गई है। मारुति नगर में सैकड़ों मकान पानी से पूरी तरह घिर गए हैं। लोग घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। इन इलाकों की बिजली काट दी गई है। वहीं कुछ लोग घरों की देख भाल करने के लिए छतों पर रात दिन गुजरने के लिए मजबूर हैं। खाने पीने का सामान खरीद कर रख लिया गया है।
वरुणा का पानी सीवर के रास्ते पहुंच रहा घरों तक
वरुणा नदी में उफान का असर एक किलोमीटर तक है। नदी में बाढ़ से घरों के सीवर ओवरफ्लो कर रहे हैं। कोनिया के करीब आधा दर्जन इलाकों में घरों में सीवर का पानी भर गया है। लोग दुर्गंध के बीच रहने को मजबूर हैं। कोनिया नई बस्ती, धोबी घाट, विजईपुरा, माताबारी समेत आस-पास के ऊपरी इलाकों में वरुणा का पानी सीवर लाइन के रास्ते पहुंच गया। कोनिया के मनोज कुमार, गोलू सेठ, सत्यम, अशोक मौर्या ने बताया कि वे सीवर के पानी में रहने को मजबूर हैं। बुधवार को भी बाढ़ से घिरे लोगों को कोई सरकारी मदद नहीं मिली।
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कई दिनों से लगातार बढ़ रही गंगा का जलस्तर बुधवार को सुबह चार बजे भोर से ही चेतावनी लेबल 70.26 मीटर से आठ सेमी नीचे 70.18 मीटर पर आकर रुक गया। इससे फिलहाल बाढ़ का खतरा तो टल गया है, लेकिन तटवर्तीय इलाकों के लोगों में अभी भी बाढ़ को लेकर दहशत बनी हुई है।
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार इलाहाबाद में जलस्तर कम होने लगा है। इससे गुरुवार से यहां भी जलस्तर कम होना शुरू हो जाएगा। बुधवार को सुबह चार बजे गंगा चेतावनी लेबल से 8 सेंटीमीटर नीचे 70.18 मीटर पर आकर ठहर गई। राजघाट पर बना चेतावनी स्तर 70.26 मीटर पर है।
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कालोनियों में पानी भरने से सामनेघाट इलाके में रहने वाले लोगों की जिंदगी नारकीय हो गई है। मारुति नगर में सैकड़ों मकान पानी से पूरी तरह घिर गए हैं। लोग घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। इन इलाकों की बिजली काट दी गई है। वहीं कुछ लोग घरों की देख भाल करने के लिए छतों पर रात दिन गुजरने के लिए मजबूर हैं। खाने पीने का सामान खरीद कर रख लिया गया है।
वरुणा का पानी सीवर के रास्ते पहुंच रहा घरों तक
वरुणा नदी में उफान का असर एक किलोमीटर तक है। नदी में बाढ़ से घरों के सीवर ओवरफ्लो कर रहे हैं। कोनिया के करीब आधा दर्जन इलाकों में घरों में सीवर का पानी भर गया है। लोग दुर्गंध के बीच रहने को मजबूर हैं। कोनिया नई बस्ती, धोबी घाट, विजईपुरा, माताबारी समेत आस-पास के ऊपरी इलाकों में वरुणा का पानी सीवर लाइन के रास्ते पहुंच गया। कोनिया के मनोज कुमार, गोलू सेठ, सत्यम, अशोक मौर्या ने बताया कि वे सीवर के पानी में रहने को मजबूर हैं। बुधवार को भी बाढ़ से घिरे लोगों को कोई सरकारी मदद नहीं मिली।