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सामान्य मानकों का भी अभियंताओं ने नहीं रखा था ध्यान

Updated Mon, 30 Jul 2018 02:04 AM IST
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वाराणसी। सेतु निगम के उच्च पदों पर आसीन अभियंता न खुद काम किए और न मातहतों से करा सके। इसी वजह से निर्माणाधीन चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर की दो बीम गिरीं। सीबीआरआई की तकनीकी बिंदुओं पर आधारित रिपोर्ट की मदद से क्राइम ब्रांच ने फ्लाईओवर हादसे के मामले में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। स्पष्ट किया है कि इंजीनियरिंग के सामान्य मानकों को भी सेतु निगम के अभियंताओं ने ध्यान में नहीं रखा, जिस तरीके से काम किया गया, उसके कारण अन्य पिलर पर रखी गई बीम के भी नीचे गिरने की आशंका थी। 15 मौतों की वजह सेतु निगम के अभियंताओं, कर्मचारियों और ठेकेदारों की सामूहिक घोर लापरवाही थी।
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15 मई को रेलवे की एईएन कॉलोनी के सामने निर्माणाधीन फ्लाईओवर की दो बीम गिरने से 15 लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में शनिवार को सेतु निगम के निलंबित चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर हरिश्चंद्र तिवारी, पूर्व चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर गेंदा लाल, प्रोजेक्ट मैनेजर कुलजश राय सूदन, एई राजेंद्र सिंह, एई यांत्रिक/सुरक्षा राम तपस्या सिंह यादव, जेई लालचंद सिंह व जेई राजेश पाल सिंह और ठेकेदार साहेब हुसैन को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

क्राइम ब्रांच की तफ्तीश के अनुसार मजदूरों की देखरेख में फ्लाईओवर के पिलर नंबर 79 और 80 पर बीम जी 1, 2 और 3 को बगैर बियरिंग के रखा गया था, जबकि, बीम जी 4 और 5 को पिलर पर बियरिंग के साथ रखा गया था। 11 मई को बीम जी 3 के नीचे बियरिंग रखने के दौरान जी 4 से जुड़ी उसकी सरिया को काट दिया गया। इसके बाद बीम जी 4 और 5 को कोई सपोर्ट नहीं दिया गया। 55 टन वजन की बीम जी 3 को उठाकर पिलर पर बियरिंग रखी गई तो कंपन पैदा हुआ। बीम जी 4 और 5 की सरिया एक-दूसरे से जुड़ी थी। कंपन पैदा होने की वजह से जी 4 गिरी और उसके चलते जी 5 गिरी। लोड ट्रांसफर के इतने महत्वपूर्ण काम के पहले और बाद में निरीक्षण का प्रावधान था लेकिन सेतु निगम के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर से लेकर अवर अभियंता तक मौके पर नहीं गए। सेतु निगम के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर ना खतरे का आकलन किए, ना सुरक्षा उपायों की व्यवस्था किए और ना ही इस संबंध में कभी मातहतों को आगाह किए।
चौकाघाट फ्लाईओवर हादसा लंबे समय तक की गई घोर लापरवाही और इंजीनियरिंग के मानकों की अनदेखी का नतीजा है। आरोपियों को कठोर सजा दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। - आनंद कुलकर्णी, एसएसपी
तफ्तीश में आएगी तेजी, जल्द होगी कुछ और की गिरफ्तारी
सेतु निगम के सात अभियंताओं और एक ठेकेदार की गिरफ्तारी के बाद क्राइम ब्रांच की तफ्तीश में तेजी आएगी। जल्द ही कुछ अन्य अभियंताओं और ठेेकेदारों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा जाएगा। स्वतंत्र साक्षियों का बयान दर्ज किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। क्राइम ब्रांच की शनिवार की कार्रवाई से सेतु निगम के अभियंताओं, कर्मचारियों और ठेकेदारों में हड़कंप की स्थिति है।
अधिवक्ताओं का पैनल करेगा पैरवी, रिमांड पर लेगी पुलिस
फ्लाईओवर हादसे में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अदालत में प्रभावी पैरवी के लिए पुलिस अधिवक्ताओं का पैनल खड़ा करेगी। इस पैनल में सरकारी अधिवक्ताओं के साथ ही शहर के नामी अधिवक्ता भी शामिल होंगे। इसके लिए पुलिस उन्हें फीस देगी। इस संबंध में शासन स्तर से निर्देश मिला है कि आरोपियों की गिरफ्तारी तक ही पुलिस अपनी जिम्मेदारी न समझे। बल्कि, अदालत में प्रभावी तरीके से पैरवी कर आरोपियों को सजा भी दिलाए। वहीं, आठों आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ की तैयारी में जुट गई है।
आंधी-तूफान या ट्रैफिक का दबाव नहीं था हादसे की वजह
सेतु निगम के कुछ अभियंताओं ने तर्क दिया था कि आंधी-तूफान की वजह से दोनों बीम गिरी थीं। वहीं, कुछ अभियंताओं ने कहा था कि निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे से ओवरलोड वाहन गुजरते थे, इस दौरान जो कंपन पैदा होता था उसकी वजह से दोनों बीम गिरीं। सीबीआरआई ने सेतु निगम के इन तर्कों को खारिज कर दिया है। क्राइम ब्रांच के अनुसार यदि आंधी-तूफान या वाहनों का दबाव कारण होता तो अन्य पिलर पर रखी बीम भी गिरती।
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