{"_id":"59496b884f1c1b5c558b46ac","slug":"61497983880-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वेतन विसंगति के विरोध में कर्मचारियों का धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वेतन विसंगति के विरोध में कर्मचारियों का धरना
Updated Wed, 21 Jun 2017 12:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। वेतन विसंगति सहित कई मांगों को लेकर बीएसएनएल और डाक विभाग के कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की। बीएसएनएल कर्मचारियों ने मंगलवार को शिवपुरवां स्थित महाप्रबंधक कार्यालय तो डाक कर्मचारियों ने प्रधान डाकघर कैंट पर धरना दिया।
बीएसएनएल इंप्लाइज यूनियन के जिला सचिव चंद्रमा यादव के नेतृत्व में हुए धरने में मांग पूरी न होने पर 13 जुलाई और 27 जुलाई को एक दिवसीय हड़ताल की चेतावनी दी गई। जिला सचिव ने बताया कि कई बार मांग करने के बाद भी वेतन और पेंशन संशोधन की मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा डायरेक्ट भर्ती वालों को सेवानिवृत्ति का लाभ नहीं मिला। इस दौरान रामबचन पाल, रामकुमार यादव, अनिल शर्मा, बीएन सिंह, रामबली, अंजनी कुमार सिंह, विजय बहादुर यादव आदि मौजूद रहे। उधर अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने प्रधान डाकघर कैंट पर धरना देकर आवाज बुलंद की। मंत्री सुभाष शाह की मौजूदगी में कर्मचारियों ने खाली पदों पर भर्ती, सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों को लागू करने, पांच दिन के कार्य दिवस को लागू करने की मांग की।
विज्ञापन
बीएसएनएल इंप्लाइज यूनियन के जिला सचिव चंद्रमा यादव के नेतृत्व में हुए धरने में मांग पूरी न होने पर 13 जुलाई और 27 जुलाई को एक दिवसीय हड़ताल की चेतावनी दी गई। जिला सचिव ने बताया कि कई बार मांग करने के बाद भी वेतन और पेंशन संशोधन की मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा डायरेक्ट भर्ती वालों को सेवानिवृत्ति का लाभ नहीं मिला। इस दौरान रामबचन पाल, रामकुमार यादव, अनिल शर्मा, बीएन सिंह, रामबली, अंजनी कुमार सिंह, विजय बहादुर यादव आदि मौजूद रहे। उधर अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने प्रधान डाकघर कैंट पर धरना देकर आवाज बुलंद की। मंत्री सुभाष शाह की मौजूदगी में कर्मचारियों ने खाली पदों पर भर्ती, सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों को लागू करने, पांच दिन के कार्य दिवस को लागू करने की मांग की।
विज्ञापन