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शादी की फिजूलखर्ची रोकें, तालीम पर करें खर्च
Updated Sat, 10 Nov 2018 01:45 AM IST
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वाराणसी। बुनकर बिरादराना तंजीम चौदहों की ओर से संयुक्त सभा गुरुवार को पीलीकोठी में हुई। बुनकरों से अपील की गई कि वो शादी की फिजूलखर्ची को रोकें। बेहतर है कि इन पर खर्च करने की बजाय बच्चों की तालीम पर पैसे खर्च किए जाएं। चौदहों के सरदार मकबूल हसन, बाइसी के सरदार इकरामुद्दीन और पांचों के सरदार अली अहमद समेत सभी तंजीमों की सहमति से 28 बिंदुओं पर आधारिक एक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।
सभा में बतौर मुख्य अतिथि मुफ्ती-ए-शहर मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा कि बुनकर बिरादराना तंजीम की ये पहल न सिर्फ काबिल-ए-तारीफ है बल्कि वक्त का तकाजा भी यही है। उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि वो इस पहल में अपनी भागीदारी करें। विशिष्ट अतिथि मौलाना नसीर सेराजी ने कहा कि मुस्लिम समाज के पिछड़ेपन की बहुत सी वजहों में एक तालीम भी है। तालीम में मुसलमान पीछे हैं और हमें एक साथ मिलकर इस कमी को दूर करना होगा। अध्यक्षता चौदहों के सरदार मकबूल हसन ने की। कार्यक्रम की शुरुआत कारी अताउल गफ्फार ने तिलावते कलाम पाक से किया। संचालन इशरत उस्मानी और शुक्रिया मौलाना अब्दुल अजीज मजहरी ने अदा किया। सभा में हाजी अब्दुल वहीद, मौलाना मोहम्मद नईम, सैयद हसन, हाजी अजीजुल हक, सरदार अलीमुद्दीन, अब्दुल हमीद, जैनुल हुदा, खुर्शीद आलम, मोईनुद्दीन, नसीर अहमद, अब्दुल लतीफ आदि मौजूद रहे।
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सभा में बतौर मुख्य अतिथि मुफ्ती-ए-शहर मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा कि बुनकर बिरादराना तंजीम की ये पहल न सिर्फ काबिल-ए-तारीफ है बल्कि वक्त का तकाजा भी यही है। उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि वो इस पहल में अपनी भागीदारी करें। विशिष्ट अतिथि मौलाना नसीर सेराजी ने कहा कि मुस्लिम समाज के पिछड़ेपन की बहुत सी वजहों में एक तालीम भी है। तालीम में मुसलमान पीछे हैं और हमें एक साथ मिलकर इस कमी को दूर करना होगा। अध्यक्षता चौदहों के सरदार मकबूल हसन ने की। कार्यक्रम की शुरुआत कारी अताउल गफ्फार ने तिलावते कलाम पाक से किया। संचालन इशरत उस्मानी और शुक्रिया मौलाना अब्दुल अजीज मजहरी ने अदा किया। सभा में हाजी अब्दुल वहीद, मौलाना मोहम्मद नईम, सैयद हसन, हाजी अजीजुल हक, सरदार अलीमुद्दीन, अब्दुल हमीद, जैनुल हुदा, खुर्शीद आलम, मोईनुद्दीन, नसीर अहमद, अब्दुल लतीफ आदि मौजूद रहे।
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