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इनामी बदमाश को जीआरपी ने दबोचा
Updated Tue, 03 Jul 2018 02:24 AM IST
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वाराणसी। 10 हजार के इनामी बदमाश मिर्जापुर के जमालपुर थाना के मदरा जमालपुर निवासी राजन सिंह को रविवार की रात जीआरपी ने कैंट रोडवेज के समीप से गिरफ्तार किया। राजन सिंह हत्या के मामले में दो वर्ष से वांछित चल रहा था। सोमवार को राजन को जेल भेज दिया गया।
जीआरपी कैंट के प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार दुबे ने बताया कि 21 अगस्त 2016 को न्यायालय के आदेश से मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि औरंगाबाद निवासी बृजेंद्र सिंह के बेटे संजीव कुमार सिंह को नौकरी दिलाने के नाम पर राजन ने पैसा लिया। पैसा मांगने पर राजन ने संजीव की बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस ट्रेन में हत्या कर दी। मुकदमे की विवेचना के दौरान चंद्रभूषण श्रीवास्तव, आशीष शर्मा और राजन का नाम प्रकाश में आया। चंद्रभूषण और आशीष को पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। राजन की तलाश की जा रही थी और उस पर एसपी जीआरपी इलाहाबाद द्वारा 10 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की गई थी। राजन को गिरफ्तार करने वाली टीम में जीआरपी कैंट प्रभारी अशोक दुबे के नेतृत्व में इंस्पेक्टर सुधीर कुमार आर्य, एसआई रामआधार यादव, कांस्टेबल सुरेश सिंह व दिलीप कुमार यादव शामिल रहे।
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जीआरपी कैंट के प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार दुबे ने बताया कि 21 अगस्त 2016 को न्यायालय के आदेश से मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि औरंगाबाद निवासी बृजेंद्र सिंह के बेटे संजीव कुमार सिंह को नौकरी दिलाने के नाम पर राजन ने पैसा लिया। पैसा मांगने पर राजन ने संजीव की बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस ट्रेन में हत्या कर दी। मुकदमे की विवेचना के दौरान चंद्रभूषण श्रीवास्तव, आशीष शर्मा और राजन का नाम प्रकाश में आया। चंद्रभूषण और आशीष को पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। राजन की तलाश की जा रही थी और उस पर एसपी जीआरपी इलाहाबाद द्वारा 10 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की गई थी। राजन को गिरफ्तार करने वाली टीम में जीआरपी कैंट प्रभारी अशोक दुबे के नेतृत्व में इंस्पेक्टर सुधीर कुमार आर्य, एसआई रामआधार यादव, कांस्टेबल सुरेश सिंह व दिलीप कुमार यादव शामिल रहे।
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