{"_id":"5a6a39d54f1c1b805a8b61df","slug":"51516911061-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्वे पर उठाए सवाल, संशोधित प्रस्ताव भेजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्वे पर उठाए सवाल, संशोधित प्रस्ताव भेजा
Updated Fri, 26 Jan 2018 01:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर। 2019 तक सभी मजरों को रोशन करने की मुहिम में बिजली विभाग राह भटकता दिख रहा है। पूर्व में संतृप्त होने वाले मजरों को दोबारा सूची में शामिल कर लिया है। ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र ने विभागीय सर्वे पर सवाल उठाते हुए डीएम को 48 मजरों की सूची प्रस्तावित कर भेजी है।
बसपा सरकार में अंबेडकर गांव तो सपा सरकार में चयनित डॉ. राम मनोहर लोहिया गांवों में प्राथमिकता के साथ विकास कार्य कराने का दावा किया गया। इन गांवों में आवास, सड़क से लेकर बिजली व्यवस्था के तहत सुधार किया गया। भाजपा सरकार में पं. दीनदयाल ज्योति योजना के तहत बिजली से रोशन न होने वाले मजरों को सर्वे के माध्यम से चिन्हित किया गया हालांकि सर्वे में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी भी सामने आई है। ज्ञानपुर ब्लॉक के गणेशरायपुर के दलित बस्ती में विद्युतीकरण कराने की बात कही गई है जबकि गांव के इस पुरवे में दलित नहीं है। पासी बस्ती में विद्युतीकरण लोहिया गांव के तहत 2014-15 में हो चुका है, लेकिन इस बस्ती को भी विद्युतीकरण के लिए शामिल किया गया है। ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र ने बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी को ज्ञानपुर विधानसभा के 48 मजरों की संशोधित सूची प्रस्तावित कर भेजी। कहा कि निगरानी समिति की बैठक में मजरों की सूची सौंपी गई थी, लेकिन बिजली विभाग की ओर से उक्त सूची पर ध्यान नहीं दिया गया। अधिशासी अभियंता विद्युत अमर सिंह ने कहा कि विद्युतीकरण के सर्वे की सूची पूर्व में तैयार की गई थी। संशोधित सूची शामिल करने के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी जाएगी। जिन गांवों में विद्युतीकरण कार्य हो चुका है या जो पूर्व के सर्वे में शामिल हुए हैं उन्हें हटाया जाएगा।
विज्ञापन
बसपा सरकार में अंबेडकर गांव तो सपा सरकार में चयनित डॉ. राम मनोहर लोहिया गांवों में प्राथमिकता के साथ विकास कार्य कराने का दावा किया गया। इन गांवों में आवास, सड़क से लेकर बिजली व्यवस्था के तहत सुधार किया गया। भाजपा सरकार में पं. दीनदयाल ज्योति योजना के तहत बिजली से रोशन न होने वाले मजरों को सर्वे के माध्यम से चिन्हित किया गया हालांकि सर्वे में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी भी सामने आई है। ज्ञानपुर ब्लॉक के गणेशरायपुर के दलित बस्ती में विद्युतीकरण कराने की बात कही गई है जबकि गांव के इस पुरवे में दलित नहीं है। पासी बस्ती में विद्युतीकरण लोहिया गांव के तहत 2014-15 में हो चुका है, लेकिन इस बस्ती को भी विद्युतीकरण के लिए शामिल किया गया है। ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र ने बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी को ज्ञानपुर विधानसभा के 48 मजरों की संशोधित सूची प्रस्तावित कर भेजी। कहा कि निगरानी समिति की बैठक में मजरों की सूची सौंपी गई थी, लेकिन बिजली विभाग की ओर से उक्त सूची पर ध्यान नहीं दिया गया। अधिशासी अभियंता विद्युत अमर सिंह ने कहा कि विद्युतीकरण के सर्वे की सूची पूर्व में तैयार की गई थी। संशोधित सूची शामिल करने के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी जाएगी। जिन गांवों में विद्युतीकरण कार्य हो चुका है या जो पूर्व के सर्वे में शामिल हुए हैं उन्हें हटाया जाएगा।
विज्ञापन