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पुण्य की डुबकी लगाने उमड़े आस्थावान
Updated Mon, 15 Jan 2018 01:33 AM IST
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ज्ञानपुर/जंगीगंज। मकर संक्रांति का पर्व जिले में दो दिन मनाया जा रहा है। पहले दिन रविवार को आस्था की डुबकी लगाने के लिए गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से शाम तक गंगा स्नान कर दान-पुण्य का क्रम चलता रहा। स्नान के बाद कल्पवासियों और श्रद्धालुओं ने बाबा सेमराध नाथ का जलाभिषेक किया तो सीतामढ़ी में मां सीता का दर्शन-पूजन किया। सोमवार को भी यह पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा।
गंगा में स्नान और दान-पुण्य का सिलसिला भोर से ही शुरू हो गया। जिले के पंचवटी, नगरदह, बेरासपुर, कलिंजरा, सीतामढ़ी, सेमराध और रामपुर घाट पर दूर-दूर से श्रद्धालु मोक्षदायनी गंगा में डुबकी लगाने पहुंचे। श्रद्धालुओं ने स्नान करने के बाद खिचड़ी और तिल का दान किया। साथ ही बाबा सेमराध नाथ का जलाभिषेक कर कल्पवृक्ष, वंशीवट, पर्णकुटी की पूजा की। सुरक्षा की दृष्टि से गंगा घाटों पर पुलिस तैनात रही। सेमराध कल्पवास माघ मेला समिति के स्वामी करुणा शंकर दास जी ने बताया कि पौष माह में जब सूर्य धनु रशि को छोड़कर मकर राशि में आता है तब यह पर्व मनाया जाता है। मकर संक्रांति के दिन से ही सूर्य की उत्तरायण गति प्रारंभ होती है। सोमवार को भी यह पर्व मनाया जाएगा। भगवान शिव का दिन होने से, इस बार मकर संक्रांति का माहात्म्य बढ़ गया है।
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गंगा में स्नान और दान-पुण्य का सिलसिला भोर से ही शुरू हो गया। जिले के पंचवटी, नगरदह, बेरासपुर, कलिंजरा, सीतामढ़ी, सेमराध और रामपुर घाट पर दूर-दूर से श्रद्धालु मोक्षदायनी गंगा में डुबकी लगाने पहुंचे। श्रद्धालुओं ने स्नान करने के बाद खिचड़ी और तिल का दान किया। साथ ही बाबा सेमराध नाथ का जलाभिषेक कर कल्पवृक्ष, वंशीवट, पर्णकुटी की पूजा की। सुरक्षा की दृष्टि से गंगा घाटों पर पुलिस तैनात रही। सेमराध कल्पवास माघ मेला समिति के स्वामी करुणा शंकर दास जी ने बताया कि पौष माह में जब सूर्य धनु रशि को छोड़कर मकर राशि में आता है तब यह पर्व मनाया जाता है। मकर संक्रांति के दिन से ही सूर्य की उत्तरायण गति प्रारंभ होती है। सोमवार को भी यह पर्व मनाया जाएगा। भगवान शिव का दिन होने से, इस बार मकर संक्रांति का माहात्म्य बढ़ गया है।
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