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चुनाव में पर्यावरण के मुद्दे को घोषणा पत्र में शामिल करें
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वाराणसी। लोकसभा चुनाव में प्रदूषण भी अहम मुद्दा होगा। सौ उत्तर प्रदेश अभियान, क्लाइमेट एजेंडा एवं भू सेवा जल सेवा अभियान ने प्रदेश की जनता से जनसंपर्क के बाद तैयार जन घोषणा पत्र लोकसभा चुनाव लड़ने वाली सभी राजनीतिक पार्टियों को सौंपा है। इसमें अपील की गई है कि वे इसे अपने घोषणा पत्र में शामिल करें।
बुधवार को सौ प्रतिशत उत्तर प्रदेश अभियान से जुड़ी एकता शेखर और फादर आनंद ने यह जानकारी पराड़कर भवन में प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि प्रादेशिक स्तर पर अभियान से जुड़े 350 से अधिक संगठनों के साथ संवाद के आधार पर यह घोषणा पत्र तैयार किया गया है। उन्होंने वोटरों से अपील की है कि पर्यावरण के सवाल पर सबसे गंभीर प्रत्याशी को ही चुनें। एकता ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट में सबसे प्रदूषित 20 शहरों में भारत के 15 शहर शामिल थे। उत्तर प्रदेश में प्रति घंटे चार नवजात बच्चों की मौत वायु प्रदूषण के कारण होती है। ऐसे में, सौ प्रतिशत उत्तर प्रदेश अभियान इसे बेहद जरूरी मानता है कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम को देश भर के सभी शहरों में लागू किया जाए। चुनाव के दौरान पर्यावरण को गंभीर सवाल के रूप में उठाया जाए। फादर आनंद ने कहा कि वायु गुणवत्ता की निगरानी का दायरा बढ़ाया जाना जरूरी है।
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बुधवार को सौ प्रतिशत उत्तर प्रदेश अभियान से जुड़ी एकता शेखर और फादर आनंद ने यह जानकारी पराड़कर भवन में प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि प्रादेशिक स्तर पर अभियान से जुड़े 350 से अधिक संगठनों के साथ संवाद के आधार पर यह घोषणा पत्र तैयार किया गया है। उन्होंने वोटरों से अपील की है कि पर्यावरण के सवाल पर सबसे गंभीर प्रत्याशी को ही चुनें। एकता ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट में सबसे प्रदूषित 20 शहरों में भारत के 15 शहर शामिल थे। उत्तर प्रदेश में प्रति घंटे चार नवजात बच्चों की मौत वायु प्रदूषण के कारण होती है। ऐसे में, सौ प्रतिशत उत्तर प्रदेश अभियान इसे बेहद जरूरी मानता है कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम को देश भर के सभी शहरों में लागू किया जाए। चुनाव के दौरान पर्यावरण को गंभीर सवाल के रूप में उठाया जाए। फादर आनंद ने कहा कि वायु गुणवत्ता की निगरानी का दायरा बढ़ाया जाना जरूरी है।
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